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प्रदूषण : मुरादाबाद रहा देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर

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मुरादाबाद। पीतल नगरी की अवैध पीतल भट्ठियां और कड़ाके की ठंड से शहर का प्रदूषण का स्तर लाल जोन में पहुंच गया। शनिवार रात नौ बजे मुरादाबाद 351 वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया, जबकि लखनऊ 380 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा। मुरादाबाद के वायु प्रदूषण में भारी कणों की उपलब्धता गंभीर स्थिति में रही।
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शहरवासी कड़ाके की ठंड के साथ प्रदूषित हवा से परेशान हैं। शहर की गलियों में पीतल की अवैध भट्ठियां धधक रही हैं। इसकी वजह से हवा में भारी कणों की उपलब्धता बढ़ रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार ठंड की वजह से भारी कणों का वातावरण में फैलाव नहीं हो पाता है। इसकी वजह से शहर से जो भी प्रदूषित हवा निकलती है, वह वायु मंडल में ही एक परत के रूप में रहती है। शुक्रवार की अपेक्षा शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक में 30 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसमें पीएम 10 का अधिकतम स्तर 418, न्यूनतम 112 और औसत 217, पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 461, औसत 351 और न्यूनतम 282 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। पीएम 2.5 मानक से सात गुना से भी अधिक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार लंबे समय तक ऐसे माहौल में रहने पर सांस की बीमारी होने की संभावना रहती है।
गत वर्ष से अधिक है प्रदूषण का स्तर
गत वर्ष 19 दिसंबर तक एक दिन प्रदूषण का स्तर 410, छह दिन 310 से 381 तक और चार दिन 213 से 296 एक्यूआई के बीच में रहा है, जबकि इस वर्ष आठ दिन प्रदूषण का स्तर 319 से 385 एक्यूआई, नौ दिन 231 से तीन सौ और एक दिन 191 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
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रात नौ बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जारी किए गए प्रदूषण के आंकड़े।
शहर एक्यूआई
लखनऊ 380
मुरादाबाद 351
बुलंदशहर 332
गुवाहाटी 327
सिलीगुड़ी 319
मुजफ्फरपुर 311
नोएडा 304
ग्रेटर नोएडा 302
दिल्ली 300
पटना 298
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