सीएए-एनआरसी के विरोध में 21 दिसंबर 2019 को हुए बवाल में आरोपियों की गिरफ्तारी के बीच कुछ उलमाओं को बयान के लिए नोटिस जारी करने के मुद्दे पर प्रशासन से वार्ता को पहुंचे उलमाओं और अफसरों की बैठक बेनतीजा रही।
बैठक के बाद आस्ताना ए आलिया जमालिया के सज्जादानशीन शाह फरहत अहमद जमाली ने एसपी से अपनी जान को खतरे की आशंका जताते हुए कहा कि एसपी उनका एनकाउंटर करा सकते हैं।
शनिवार को कलक्ट्रेट में डीएम-एसपी के साथ बैठक के बाद उलमाओं ने कहा कि वे लोग आपस में बैठक कर अगली रणनीति तय करेंगे। बैठक पर टिप्पणी करते हुए शहर इमाम मुफ्ती महबूब ने कहा कि डीएम एक माह में मामले को निस्तारित करने की बात कह रहे थे, एसपी गुस्साए तेवर दिखा रहे थे।
फरहत जमाली ने भी कहा कि बैठक में डीएम का रवैया तो नरम था, लेकिन एसपी गलत ढंग से पेश आए। साथ ही उन्होंने एसपी से खुद को खतरा बताते हुए खुद के एनकाउंटर की आशंका भी जता दी।
उधर एसपी शगुन गौतम का कहना है कि फरहत जमाली पुलिस पर दबाव बनाना चाह रहे हैं। वो बैठक में आदेश देने के लहजे में सीएए-एनआरसी के विरोध में हुए बवाल की विवेचना आज ही बंद करने की बात कह रहे थे। पुलिस द्वारा बयान के लिए दिए गए नोटिसों पर भी सवाल उठा रहे थे, जबकि नोटिस कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
एसपी ने कहा कि एनआरसी-सीएए बवाल प्रकरण में गिरफ्तार हुए कई लोगों ने पुलिस को बयान दिया है कि वो जमाली के कहने पर वहां गए थे। पुलिस जब उनका बयान लेना चाहती हैं तो वो मना कर रहे हैं। जांच में तो हर किसी को सहयोग करना पड़ेगा। अब जमाली बिना आधार वाले आरोप लगा रहे हैं।