दस साल पहले महिला को दहेज के लिए जला कर मार देने वाली दोषी जेठानी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मुकदमे से संबंधित अन्य आरोपियों की फाइल पर सुनवाई होनी शेष है। उनका मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
बिलारी थानाक्षेत्र के महाजनान मोहल्ले निवासी सुधीर गुप्ता ने अपनी बेटी की शादी क्षेत्र के ही डिम्पल उर्फ आकाश दीप पुत्र सुनील कुमार के साथ की थी। सुधीर गुप्ता ने थाना बिलारी में 20 अगस्त 2012 को मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी बेटी से सुसराल वाले जिनमें चंचल उर्फ बबीता, सचिन, सुनील, पुष्पा श्रीकांत, निरु, भगवान, विक्की, खुशबु ने दहेज में पचास हजार रुपए के साथ गाड़ी की मांग करते थे।जिसे पूरा न होने पर उसके साथ मारपीट करते थे।
शिकायत के अनुसार, 19 अगस्त 2012 को इन लोगों ने षड्यंत्र रचते हुए मेरी बेटी को जला दिया, जिसका प्रत्यक्षदर्शी मेरी बेटी का चार साल का बेटा है। जिसने सारी घटना देखी है। आग से झुलसी बेटी के मृत्यु पूर्व तत्कालीन तहसीलदार ने बयान दर्ज किए थे। उसने अपने बयानों में अपनी जेठानी चंचल उर्फ बबीता के खिलाफ बयान दर्ज कराए थे। जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई।
केस के विवेचक द्वारा मृत्यु पूर्व दिए गए बयानों के आधार पर चंचल उर्फ बबीता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रघुवर सिंह की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नाहर सिंह त्यागी ने बताया कि वादी सुधीर गुप्ता ने अपने बयानों में चंचल उर्फ बबीता के साथ सचिन, सुनील पुष्पा आदि के खिलाफ भी बयान दिए। जिसके आधार पर अदालत ने आरोपियों को तलब कर लिया।
अदालत के आदेश के खिलाफ चंचल उर्फ बबीता को छोड़ कर अन्य आरोपी सर्वोच्च न्यायालय की शरण में चले गए। जहां से उन्हें स्थगन प्राप्त हो गया। मुकदमे की मुख्य आरोपी चंचल उर्फ बबीता के मुकदमे की सुनवाई अदालत में विचाराधीन रही। जिसे पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है साथ ही उस पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा न कर पाने की स्थिति में दो साल का अतिरिक्त कारावास दिए जाने के आदेश भी दिए हैं।