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Moradabad: बिलारी में चारागाह की भूमि पर काट दिए थे पट्टे, अब किए जाएंगे निरस्त, संभल प्रकरण के बाद हड़कंप

Wed, 08 Jul 2026 09:08 AM IST
Vimal Sharma संवाद न्यूज एजेंसी, बिलारी (मुरादाबाद)

सार

मुरादाबाद के बिलारी तहसील स्थित जटपुरा गांव में वर्ष 1997 में चरागाह की भूमि पर किए गए 20 पट्टे निरस्त किए जाएंगे। राजस्व परिषद के निर्देश पर हुई जांच में अनियमितता सामने आने के बाद तहसील प्रशासन ने सभी आवंटियों के नाम राजस्व अभिलेखों से हटाने की संस्तुति कर दी है।
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मुरादाबाद में बड़ा जमीन घाटोला आया सामने - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिलारी तहसील के जटपुरा गांव में जून 1997 में चरागाह की भूमि पर किए गए बीस पट्टे निरस्त किए जाएंगे। चरागाह की भूमि पर बीस लोगों के नाम पट्टे कर दिए गए थे। राजस्व परिषद के सचिव के निर्देश पर हुई जांच में खुलासा होने पर चरागाह की भूमि से संबंधित आवंटी खाता धारकों के नाम निरस्त किए जाने की संस्तुति की गई है।

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पिछले महीने आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद लखनऊ की अध्यक्षता में हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में चरागाह भूमि से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। इस दाैरान बिलारी तहसील के जटपुरा गांव में 11 जून 1997 को चरागाह की भूमि गाटा संख्या 469 मिन जुमला के बीस ग्रामीणों के नाम भूमि आवंटन किए जाने का मामला सामने आया।

यह स्वीकृति जून 1997 में बिलारी में तैनात तत्कालीन एसडीएम द्वारा की गई। चरागाह भूमि आवंटन संबंधी पुरानी पत्रावली की जांच करने पर पता चला कि सोहन सिंह, उदयपाल सिंह, निक्कू सिंह, विजेंद्र सिंह, वेदप्रकाश सिंह, सतीश कुमार, अजीत सिंह, राजीव सिंह, जंगबहादुर सिंह, मुकेश कुमार, इंद्रपाल सिंह, सुमित्रा देवी, मूंगा देवी, भगवान देई, अनीता, उषा, सुमन तारा, सोमवती, माया आदि के नाम चरागाह भूमि का पट्टा कर दिया गया।
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क्षेत्रीय लेखपाल और राजस्व निरीक्षक की जांच मिलने के बाद तहसील अधिकारियों ने सभी बीस पट्टा लेने वाले खाताधारकों के नाम चरागाह भूमि से निरस्त किए जाने की संस्तुति कर दी।

14 मई को भी सभी तहसीलों को भेजा था आदेश
 राजस्व परिषद के निर्देशों के पालन में एडीएम प्रशासन संगीता गौतम ने 14 मई को जिले के सभी एसडीएम को इस संबंध में आदेश भेजा था। आदेश में कहा गया था कि विकसित पोर्टल चरागाह की भूमि पर अवैध कब्जे की सूचना की यथास्थिति और भूलेख पोर्टल में श्रेणी पांच 3, अकृषक व जलमग्न भूमि से संबंधित अद्यतन सूचना भेजी जाए। इस आदेश में चरागाह की भूमि को कब्जा मुक्त करने की बात भी कही गई थी। 

बंदोबस्त रिकॉर्ड से हो रहा वर्तमान खतौनियों का मिलान
तहसीलदार आदित्य कुमार ने बताया कि उच्चाधिकारियों के आदेश के पालन में बंदोबस्त रिकॉर्ड से वर्तमान खतौनियों का मिलान हो रहा है। तहसीलदार के अनुसार राजस्व संहिता की धारा 77 और जमींदारी विनाश अधिनियम की धारा 132 के तहत जो भी आरक्षित भूमि है उसकी जांच कराई जा रही है। यदि निर्धारित श्रेणी वाली भूमि का कहीं भी पट्टों के जरिए आवंटन करने का मामला सामने आएगा, तब ऐसे पट्टा धारकों और अवैध कब्जादारों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सीलपुर में स्कूल की सरकारी भूमि पर कब्जेदारों को नोटिस
सीलपुर गांव में स्कूल के नाम की सरकारी भूमि पर कब्जे का मामला सामने आने पर तहसीलदार न्यायिक की अदालत से अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी कर दिया गया है। सीलपुर हल्के पर तैनात राजस्व लेखपाल खुशबू ने तहसीलदार की अदालत में रिपोर्ट भेजकर बताया कि गाटा संख्या 95 सरकारी भूमि है जो राजस्व अभिलेखों में स्कूल के नाम पर दर्ज है।

इस भूमि पर जमील, साजिद, नबावजान, जुल्फेकार और गौहर आदि ने बुनियाद भरकर दीवार बनाकर और मकान बनाकर अवैध कब्जा कर लिया है। तहसीलदार न्यायालय से जानकारी करने पर पता चला कि लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर सभी अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
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यह जांच रिपोर्ट उनकी बिलारी में तैनाती से पहले ही भेज दी गई है। जैसे ही इस रिपोर्ट के आधार पर जिला मुख्यालय से कोई आदेश आएगा, तब उसका पूर्ण रूप से पालन कराया जाएगा। - प्रिंस वर्मा, एसडीएम, बिलारी
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