शहरवासी स्वच्छ सांसों के लिए तरस रहे हैं। ज्यादातर समय प्रदूषित रहने वाली शहर की हवा दो दिनों से देश में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहरों की सूची में दर्ज की गई है। सोमवार दिन भर मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक मैरून जोन में दर्ज किया गया। रात दस बजे मुरादाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक देश में सबसे ज्यादा 418 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। दूसरे नंबर पर गाजियाबाद का एक्यूआई 406 रहा। विशेषज्ञों के अनुसार यह वायु प्रदूषण की बहुत गंभीर श्रेणी है।
मुरादाबाद में ई-कचरा और अवैध पीतल भट्ठियों के संग जाम की स्थिति प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी कर रहा है। रविवार को सिर्फ भारी कणों का प्रदूषण था, जबकि सोमवार को भारी कणों के साथ नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई। पीएम 2.5 और पीएम 10 की अधिकतम मात्रा पांच सौ माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड की अधिकतम मात्रा 120 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई।
नए साल में नहीं स्वच्छ हुई हवा
मुरादाबाद में प्रदूषित हवा की यह स्थिति है कि साल 2021 में अभी तक एक भी दिन शहरवासियों को स्वच्छ सांसें नसीब नहीं हुई हैं। इस वर्ष जनवरी माह में एक दिन मैरून जोन, 13 दिन लाल जोन में, नौ दिन नारंगी जोन में और सिर्फ छह दिन शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक पीले जोन में रहा है। फरवरी माह के पहले दिन भी प्रदूषण 418 एक्यूआई दर्ज किया गया।
इस संबंध में नैम्प समन्वयक डॉ. अनामिका त्रिपाठी का कहना है कि प्रदूषण की यह स्थिति बहुत गंभीर है। जाम लगने और अवैध पीतल भट्ठियों के संचालन से वातावरण में भारी कणों की मात्रा बढ़ती है। मौसम अधिक ठंडा होने की वजह से भारी कण वातावरण में फैल नहीं पाते हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से रात दस बजे जारी की गई प्रदूषित शहरों की सूची
शहर एक्यूआई
मुरादाबाद 418
गाजियाबाद 406
ग्रेटर नोएडा 400
नोएडा 382
दिल्ली 367
बागपत 351
रोहत 339
फरीदाबाद 339
बुलंदशहर 338
मेरठ 330
सिंगरौली 326