मुरादाबाद। हवा का रुख बदलते ही मुरादाबाद का प्रदूषण स्तर देश में नौवें स्थान पर दर्ज किया गया। बुधवार रात नौ बजे शहर का एक्यूआई 289 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर था। वातावरण में भारी कणों की मात्रा बढ़ गई है।
मौसम में उतार-चढ़ाव के साथ प्रदूषण के स्तर में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। दो दिन पूरब दिशा से चली हवा की वजह से प्रदूषण कम था, लेकिन बुधवार सुबह को आसमान में छाया घना कोहरा और शाम को हवा पश्चिमी दिशा से चलने की वजह से प्रदूषण 280 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर हो गया। इसमें पीएम 2.5 का अधिकतम स्तर 386, न्यूनतम 178 और औसत 289, पीएम 10 का अधिकतम स्तर 306, न्यूनतम 110 और औसत 166 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड का अधिकतम स्तर 74 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर रहा। विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण का यह स्तर खराब हवा का सूचक है। लंबे समय तक जोखिम पर ज्यादातर लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने की आशंका रहती है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह का कहना है कि पश्चिमी दिशा से चलने वाली हवा सूखी होती है और इसमें धूल की मात्रा अधिक होती है। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर संचालित होने वाली अवैध पीतल भट्ठियां भी प्रदूषण के स्तर के बढ़ने का कारण हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से रात नौ बजे जारी किए गए प्रदूषण के आंकड़े
प्रदूषित शहर एक्यूआई
पटना 346
कटनी 325
लखनऊ 309
सिंगरौली 308
भिवाड़ी 307
कानपुर 306
बुलंदशहर 296
ग्रेटर नोएडा 290
मुरादाबाद 289