एचजेएस तुर्की इंटर कालेज करुला में वोट डालने के लिए लगी लंबी लाइन।
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पीतल नगरी के वोटरों ने अपना पुराना रिकार्ड तो तोड़ दिया लेकिन पहले चरण के मुकाबले में सुस्त रह गए। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनावों में जिले में 63.7 फीसदी वोटिंग हुई जबकि इस बार 66.7 फीसदी वोटरों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। पुराने आंकड़ों से तुलना करें तो जिले के लोगों ने अपना पिछला रिकार्ड तोड़ दिया है।
लेकिन पहले चरण से तुलना करें तो पीतल नगरी फिसड्डी रह गई। पहले चरण में आगरा ने 71.18 फीसदी वोटिंग का रिकार्ड बनाया था, जिसे अपना जिला नहीं तोड़ सका। सुबह सात बजे वोटिंग शुरू हुई तो मतदान केंद्रों पर सन्नाटा पसरा था।
मुस्लिम इलाकों को छोड़ बाकी एरिया में बूथों पर साढ़े सात से लेकर आठ बजे तक खामोशी पसरी रही। फिर धीमे - धीमे मतदाताओं के घरों से निकलने का सिलसिला शुरू हुआ। सुबह नौ बजे तक जिले में महज 14 फीसदी मतदान हुआ था।
शहर इस मामले में फिसड्डी रहा जबकि ग्रामीण एरिया में वोटिंग प्रतिशत अलग - अलग हिस्सों में सुबह नौ बजे तक 20 से 25 फीसदी तक था। नौ बजे से ग्यारह बजे तक बहुत कम वोटर घरों से निकले और 11 बजे तक महज 21 फीसदी वोटिंग हुई थी।
हालांकि ग्यारह बजे से दोपहर एक बजे तक 19 फीसदी वोटरों ने वोट डाला और मतदान प्रतिशत 40 फीसदी हो गया। इसके अगले दो घंटे में महज 13 फीसदी वोटर निकले और 53 फीसदी मतदान हुआ। इसके बाद शाम को पांच बजे तक 66.7 प्रतिशत वोटिंग के साथ वोटिंग खत्म हो गई।