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UP: मुरादाबाद में सपा के वर्तमान व पूर्व सांसद के बीच घमासान, बढ़ती गुटबाजी पर लगाम के लिए गाइडलाइन जारी

Mon, 12 Jan 2026 03:10 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में सपा सांसद और पूर्व सांसद के बीच बयानबाजी का मामला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है। इसके बाद सपा ने गुटबाजी पर रोक लगाने के लिए गाइडलाइन जारी की है। मीडिया या सोशल मीडिया पर पार्टी नेताओं के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप और अभद्र भाषा को अनुशासनहीनता माना जाएगा। 
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सपा के पूर्व सांसद एसटी हसन और सांसद रुचिवीरा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरादाबाद में सपा सांसद और पूर्व सांसद के बीच चल रही बयानबाजी का मामला सपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच गया है। पार्टी के भीतर बढ़ती गुटबाजी पर लगाम लगाने के लिए गाइडलाइन जारी की गई। मीडिया या सोशल मीडिया पर एक-दूसरे नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप या अभद्र भाषा के इस्तेमाल को अनुशासनहीनता करार दिया जाएगा।

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हाल ही में पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन ने एक निजी कार्यक्रम आयोजित किया था जिसमें मौजूदा सांसद रुचिवीरा को आमंत्रित नहीं किया गया था। जबकि इस कार्यक्रम में भाजपा के तीन बड़े स्थानीय नेता शामिल हुए थे। सपा सांसद ने मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. एसटी हसन पर टिप्पणी की थी और उन पर गंभीर आरोप लगाए थे।

जवाब में पूर्व सांसद ने भी मीडिया में टिप्पणी की थी। इस मामले पर भाजपा विधायक ने भी अपनी बात रखी थी और यह मामला सुर्खियों में रहा। इससे पहले पिछले महीने भी महानगर कार्यालय पर एक कार्यक्रम एसआईआर को लेकर आयोजित हुआ था।
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यहां बैनर में मौजूदा सांसद की फोटो नहीं लगाई गई थी। सांसद के समर्थकों ने इसपर आपत्ति जताते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार कर दिया था। यह मामला भी सपा के अंदर की गुटबाजी की हकीकत बयान कर रहा था। जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव ने बताया कि सामान्य रूटीन के तहत ही

उन्होंने गाइडलाइन जारी की है लेकिन पार्टी में इसे सांसद-पूर्व सांसद की ओर से खुलेआम एक-दूसरे पर हो हे आरोप-प्रत्यारोप के जुड़े मामले से देखा जा रहा है।

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पार्टी के प्रचार में सांसद और विधायकों का फोटो अनिवार्य
जिलाध्यक्ष ने गाइडलाइन जारी कर कहा है कि सपा के किसी भी होर्डिंग, फ्लैक्सी, बैनर, पोस्टर स्टीकर या किसी भी अन्य प्रचार सामाग्री पर पार्टी का कोई प्रचार होगा तो उसमें सांसद और विधायकों का फोटो अनिवार्य रूप से लगाया जाएगा।

साथ ही कोई भी नेता या कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर सस्ती लोकप्रियता के लिए एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप, अभद्र भाषा का इस्तेमाल नहीं करेगा। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके विरुद्ध अनुशासनहीनता की कार्रवाई की जाएगी। अगर किसी को भी शिकायत है तो वह जिलाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष या राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर अपनी बात रख सकता है।

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