फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

800 करोड़ के आर्डर लेकर आज लौटेंगे निर्यातक

विज्ञापन
एम्बियन्ते फेयर में सजा मुरादाबाद का स्टॉल।
विज्ञापन
मुरादाबाद। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में सात फरवरी से शुरू हुआ एम्बियन्ते फेयर मंगलवार को खत्म हो गया। चीन में कोरोना वायरस की छाया के बीच शुरू हुए एम्बियन्ते फेयर में इस बार बायर्स की संख्या करीब 30 फीसदी कम रही। महत्वपूर्ण माने जाने वाले अमेरिका के कुछ बायर्स इस बार एम्बियन्ते में नहीं पहुंचे। लेकिन इसके बावजूद मुरादाबाद के निर्यातकों ने फेयर में अच्छा कारोबार किया है। निर्यातकों का मानना है कि फेयर में करीब 1500 करोड़ रुपये की कारोबारी पूछताछ हुई और 800 करोड़ रुपये से ज्यादा के आर्डर करीब - करीब फाइनल हो चुके हैं। फेयर में इस बार चीनियों की कम मौजूदगी का फायदा भी मुरादाबाद को मिला है। हालांकि चीनियों के स्टॉल्स के पास फंसे कुछेक निर्यातक जरूर इस बार मायूस हैं।
विज्ञापन

फ्रैंकफर्ट में मंगलवार को एम्बियन्ते का आखिरी दिन था। अमूमन फेयर के आखिरी दिन बायर्स की चहलकदमी फेयर ग्राउंड पर नहीं होती है। लेकिन इस बार मुरादाबाद के स्टॉल्स पर एम्बियन्ते के आखिरी दिन भी बायर्स की मौजूदगी रही। इसे सीधे तौर पर फेयर में चीनियों की कम हिस्सेदारी का नतीजा माना जा रहा है। कोरोना वायरस से जूझ रहे चीन ने 17 फरवरी तक अपनी सभी इंडस्ट्री बंद कर दी हैं। बंदी की यह अवधि बढ़ भी सकती है। 23 अप्रैल से प्रस्तावित कैंटोन फेयर को भी चीन रद्द करने का मन बना चुका है। कैंटोन फेयर के पहले चरण में लगने वाले इंटरनेशनल पवेलियन को बंद कर चीन ने इसके संकेत भी दे दिए हैं। निर्यातकों का कहना है इंडस्ट्री बंद होने की वजह से बायर्स इस बात को लेकर भी आश्वस्त नहीं हैं कि चीनी निर्यातक उन्हें समय से आर्डर की डिलीवरी दे भी पाएंगे या नहीं। ऐसे में अंतर्राष्ट्रीय बाजार ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए क्रिस्टल और कांच में चीन के कड़े प्रतिद्वंदी मुरादाबाद का रुख किया है। निर्यातकों का कहना है कि कई नए बायर्स ने इस बार उन्हें आर्डर फाइनल किए हैं जो पिछले सालों में ज्यादातर खरीदारी चीनियों से करते थे। कैंटोन को दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल फेयर माना जाता है। कैंटोन के रद्द होने का सीधा फायदा 15 अप्रैल से प्रस्तावित दिल्ली फेयर को मिलेगा। एम्बियन्ते फेयर में मौजूद निर्यातकों का भी मानना है कि इस बार दिल्ली फेयर को लेकर इंक्वायरी बढ़ी हैं। मंगलवार को फेयर खत्म होने के बाद निर्यातकों ने सैंपल की पैकिंग शुरू कर दी है। सैंपल अपनी - अपनी एजेंसियों के हवाले करने के बाद बुधवार को मुरादाबाद के करीब 200 निर्यातक फ्रैंकफर्ट से दिल्ली की फ्लाइट पकड़ेंगे।
50 लाख रुपये आता फेयर का खर्च
मुरादाबाद। एम्बियन्ते फेयर में स्टाल लगाने के लिए एक निर्यातक को करीब 50 लाख रुपये खर्च करने पड़ते हैं। इसमें से 20 से 25 लाख रुपये मैसे फ्रैंकफर्ट को स्टॉल एरिया की फीस देनी होती है। पांच से 10 लाख रुपये स्टॉल को सजाने में खर्च होते हैं। इसके अलावा सैंपल को फ्रैंकफर्ट तक भिजवाने और हवाई जहाज कि टिकटों से लेकर होटल खर्च तक इसमें शामिल है। ऐसे में यदि किसी निर्यातक को आर्डर नहीं मिले तो उसके लिए फेयर बड़े नुकसान का सबब भी बन जाता है। एम्बियन्ते में स्टाल लगाने वाले हरेक निर्यातक की कोशिश होती है कि उसे कम से कम तीन - चार करोड़ के आर्डर तो मिल ही जाएं ताकि वह अपने फेयर के खर्च को निकाल सके।
विज्ञापन

मैसे फ्रैंकफर्ट ने बदलीं फेयर की तारीख
मुरादाबाद। मैसे फ्रैंकफर्ट में एम्बियन्ते 2021 के लिए तारीखें बदल दी हैं। एम्बियन्ते अब अगले साल 19 फरवरी से होगा। ऐसा क्रिसमस फेयर और एम्बियन्ते फेयर के बीच गैप बढ़ाने के लिए किया गया है। 24 जनवरी से फ्रैंकफर्ट में ही क्रिसमस वर्ल्ड फेयर होता है। इसके बाद सात फरवरी से एम्बियन्ते शुरू होता है। दोनों फेयर के बीच में कम गैप होने की वजह से बायर्स कुछ कम रह जाते हैं। इसलिए मैसे फ्रैंकफर्ट ने फेयर की तारीखें इस बार बदल दी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें