अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। दुनिया भर में पीतल के हस्तशिल्प उत्पादों के लिए पहचान रखने वाले मुरादाबाद के निर्यात उद्योग के सामने अब गुणवत्ता के साथ लागत नियंत्रित रखने की चुनौती है।
विदेशी खरीदार आकर्षक डिजाइन और बेहतर फिनिशिंग के साथ उत्पादों की सुरक्षा, धातुओं की जांच और निर्धारित मानकों के अनुरूप रिपोर्ट भी मांग रहे हैं। ऐसे में किफायती परीक्षण सुविधाएं, आधुनिक उत्पादन तकनीक और बेहतर लॉजिस्टिक्स वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए जरूरी हो गए हैं।
मुरादाबाद से होम डेकोर, कैंडल स्टैंड, टेबलवेयर, लाइटिंग और फैशन ज्वेलरी समेत कई उत्पादों का निर्यात होता है। गंतव्य देश और उत्पाद की श्रेणी के अनुसार लेड-कैडमियम की मात्रा, कोटिंग तथा अन्य सुरक्षा संबंधी परीक्षणों की जरूरत पड़ सकती है।
स्थानीय स्तर पर संबंधित जांच उपलब्ध न होने पर नमूने दूसरे शहरों की प्रयोगशालाओं में भेजने पड़ते हैं। इससे शुल्क और समय दोनों बढ़ते हैं। रिपोर्ट में देरी होने पर ऑर्डर की स्वीकृति और माल भेजने का कार्यक्रम भी प्रभावित हो सकता है।
कम मात्रा में अलग-अलग डिजाइन तैयार करने वाले निर्यातकों के लिए बार-बार परीक्षण कराना महंगा पड़ता है। निर्यातकों ने बताया कि धातु उत्पादों का वजन और सजावटी वस्तुओं की पैकेजिंग निर्यात लागत बढ़ाती है। मुरादाबाद से बंदरगाह तक परिवहन, भंडारण और कंटेनर व्यवस्था का खर्च भी विदेशी बाजार में अंतिम कीमत को प्रभावित करता है। साझा लॉजिस्टिक्स, बेहतर पैकेजिंग और कम मात्रा वाले शिपमेंट की किफायती व्यवस्था से निर्यातकों को राहत मिल सकती है।