एक जगह फाल्ट होने पर दूसरे बिजलीघर से खुद शुरू होगी सप्लाई
विद्युत निगम का दावा है कि बिजलीघर आपस में जोड़े जाने के बाद इसकी मॉनिटरिंग के लिए अधीक्षण अभियंता के कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। यदि किसी एक बिजलीघर के क्षेत्र में फाल्ट से बिजली आपूर्ति बाधित होगी तो कंट्रोल को पता चल जाएगा। साथ ही स्काडा के जरिये दूसरे बिजलीघर से स्वत: ही सप्लाई शुरू हो जाएगी।
इस तरीके से शहर में 24 घंटे बिजली आपूर्ति हो सकेगी। इस काम का जिम्मा निजी कंपनी रिलाइंस इलेक्ट्रिक को दिया गया है। कंपनी की लापरवाही के कारण काम अधर में फंसा है। पहले चरण का काम शुरू करने में भी कंपनी ने एक साल की देरी की थी। अब दूसरे चरण का काम लटका दिया है।
एमडी पीवीवीएनएल ने जताई नाराजगी
तीन दिन पहले मुरादाबाद दौरे पर आए पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने स्काडा कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने देरी का कारण अधिकारियों से पूछा और अब तक की स्थिति जानी। साढ़े तीन साल में कार्य न होने पर उन्हें नाराजगी भी जताई।
नगर निगम के अधिकारियों से समन्वय कर जल्द से जल्द कार्य पूरा कराने के निर्देश विद्युत अभियंताओं को दिए। कंट्रोल रूम में मॉनिटरिंग स्क्रीन पर लाइव देखा जा सकेगा कि फाल्ट कहां हुआ है। एक बिजली से दूसरे बिजलीघर को जोड़ने के लिए ओएफसी के अलावा रिंग मेन्स यूनिट भी लगाए गए हैं।
स्काडा प्रोजेक्ट का काम पिछड़ने के पीछे कई कारण हैं। अब हमने 30 नवंबर तक का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस अवधि में स्काडा सिस्टम को तैयार करने के लिए टीम जुट गई है। तकनीकी बाधाएं दूर की जा रही हैं। - अशोक कुमार चौरसिया, मुख्य अभियंता