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Moradabad: आधार और राशन कार्ड में उम्र अलग, आयुष्मान कार्ड बनाने में मरीजों को हो रही परेशानी, कैसे हो समाधान

Thu, 14 May 2026 12:11 PM IST
Vimal Sharma अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में आयुष्मान योजना दस्तावेजों की गड़बड़ी में उलझ गई है। आधार और राशन कार्ड में उम्र अलग होने से मरीजों के आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे। पोर्टल आवेदन स्वीकार नहीं कर रहा, जिससे गरीब मरीज इलाज के बजाय दस्तावेज दुरुस्त कराने के लिए तहसील और जनसेवा केंद्रों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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जिला अस्पताल मुरादाबाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुरादाबाद में गरीबों को मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान योजना अब दस्तावेजों के फेर में फंसती नजर आ रही है। जिला अस्पताल की आयुष्मान डेस्क पर रोज ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं, जिनकी उम्र आधार कार्ड और राशन कार्ड में अलग-अलग दर्ज है।सिस्टम में उम्र का मिलान न होने से उनके आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहे।

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नतीजा यह कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोग इलाज के बजाय दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। अस्पताल में कई मरीज घंटों लाइन में लगने के बाद जब काउंटर तक पहुंचते हैं तो उन्हें यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पहले दस्तावेज सही कराएं।

किसी की उम्र आधार में 52 साल है तो राशन कार्ड में 58 साल दर्ज है। कहीं जन्मतिथि बदल गई तो कहीं नाम और उम्र दोनों में अंतर है। ऐसे मामलों में पोर्टल आवेदन स्वीकार नहीं कर रहा। गरीब परिवारों के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि दस्तावेज ठीक कराने के लिए तहसील, जनसेवा केंद्र और पूर्ति विभाग के चक्कर अलग लगाने पड़ रहे हैं।

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केस एक
कटघर निवासी 60 वर्षीय रामवीर सिंह दिल की बीमारी से परेशान हैं। राशन कार्ड में उनकी उम्र 64 साल दर्ज है, जबकि आधार कार्ड में 59 साल। आयुष्मान डेस्क पर कार्ड बनाने से मना कर दिया गया। अब वह तीन दिन से दस्तावेज दुरुस्त कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं।

केस दो 
मझोला की रहने वाली विमला देवी को पथरी के ऑपरेशन की जरूरत है। सूची में नाम होने के बावजूद उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन सका। क्योंकि आधार में उम्र 48 वर्ष और राशन कार्ड में 54 वर्ष दर्ज है। परिवार निजी अस्पताल का खर्च उठाने में असमर्थ है।

केस तीन
भोजपुर क्षेत्र के शकील अहमद अपनी पत्नी का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। सिस्टम में उम्र का मिलान न होने पर आवेदन अटक गया। उनका कहना है कि गरीब आदमी इलाज कराए या कागज ठीक कराए, यही समझ नहीं आ रहा।

राशन कार्ड में गलत उम्र लिखी होने के कारण लोगों को आयुष्मान कार्ड लाख नहीं मिल पा रहा है। जिन मरीजों का बाकी सारा डाटा ठीक है, उनके कार्ड वेरीफाई करने के लिए प्रदेश मुख्यालय से अपील करेंगे। - डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ

ब्लड बैंक में बवाल... डॉक्टर दो फाड़
मुरादाबाद। सोशल मीडिया पर बुधवार को एक फोटो तेजी से वायरल हुआ। जिसमें वेट मशीन पर रखा ब्लड बैग 650 एमएल आयतन दिखा रहा है। फोटो के साथ यह भी लिखा गया कि जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में जरूरत से ज्यादा खून निकालकर उसका गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।

फोटो सामने आते ही अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। ब्लड बैंक से जुड़े कर्मचारियों और डॉक्टरों के बीच पहले से चल रही तनातनी और खुलकर सामने आ गई। ब्लड बैंक प्रभारी का आरोप है कि वायरल फोटो पूरी तरह भ्रामक है और यह जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की मशीन का फोटो ही नहीं है।
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उनका कहना है कि किसी भी मरीज या रक्तदाता ने अधिक रक्त निकालने की शिकायत नहीं की है। आरोप लगाया गया कि जानबूझकर फर्जी तस्वीर वायरल कर ब्लड बैंक और अस्पताल प्रशासन की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई। मामला बढ़ने पर एसआईसी डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय और चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार खुद ब्लड बैंक पहुंचे और पूरे प्रकरण की जांच शुरू कराई।

उन्होंने कहा कि आपसी विवाद को सार्वजनिक कर विभाग की छवि खराब करना ठीक नहीं है। एसआईसी डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि ब्लड बैंक में रखे सभी ब्लड बैग की जांच कराई गई और सभी का वजन मानक के अनुरूप मिला। एसआईसी ने कहा कि फोटो कहां का है, इसकी जांच की जा रही है।
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