मुरादाबाद में निराश्रित, बेसहारा गोवंश संरक्षण के लिए जिले में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। हाल ही में क्रियाशील नौ गो आश्रय स्थलों में 248 गोवंश संरक्षित किए गए। इसी के साथ जिले में अब तक 3042 गोवंश संरक्षित किए जा चुके हैं। कुछ अन्य स्थानों पर भी वृहद गो संरक्षण केंद्र का संचालन शीघ्र किया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कंसल ने बताया कि विकास खंड मुरादाबाद, मूंढापांडे, डिलारी और भोजपुर में 150-200 गोवंश संरक्षण क्षमता वाले अस्थाई गो आश्रय स्थलों की स्थापना एक माह में की जाएगी। विकास खंड बिलारी के ग्राम हाजीपुर में निर्माणाधीन वृहद गो संरक्षण केंद्र का संचालन भी इसी सप्ताह हो जाएगा। जिसमें 250-300 गोवंस संरक्षित किए जा सकेंगे। साथ ही किसानों की समस्या का भी समाधान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में निराश्रित गोवंश की समस्या के तत्काल निदान के लिए वर्तमान में क्रियाशील नौ गो आश्रय स्थलों में 248 गोवंश संरक्षित कर दिए गए हैं। जिनमें विकास खंड बिलारी में 26, कुंदरकी में 28, मूंढापांडे में 87, ठाकुरद्वारा में 06 और छजलैट में 101 गोवंश संरक्षित किए गए हैं।