मम्मी-पापा आप जन्मदिन पार्टी में चले जाइए..., 24 फरवरी को मेरा इंग्लिश का एग्जाम है। मुझे एग्जाम की तैयारी करनी है। मैं घर पर ही खाना खा लूंगा और स्टडी करने बैठ जाऊंगा। कुछ इस तरह के शब्द बोलकर अक्षित ने पार्टी में जाने से इनकार दिया था
पीतल कारोबारी आशीष का इकलौता बेटा कांठ रोड स्थित एसएस चिल्ड्रेन अकेडमी में बारहवीं कक्षा में पढ़ रहा था। मां-बाप बेटे के अच्छे अंकों के साथ परीक्षा उत्तीर्ण करने की उम्मीद लगाए बैठे थे। अक्षित परीक्षा की तैयारी में लगा था। उसके व्यवहार और बातों से परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं लगा कि वो इस तरह का कदम भी उठा सकता है। बेटे की जिद के कारण मम्मी-पापा उसे घर में अकेला छोड़कर चले गए थे। रात पौने 11 बजे परिजन घर आए और मेनगेट खोलकर जीने से ऊपरी मंजिल पर पहुंचे तो बेटे को फंदे पर लटका देख उसके होश उड़ गए।
ग्राउंड फ्लोर पर हैं किराएदार
आशीष चौहान के दुमंजिला मकान में ग्राउंड फ्लोर पर किरायेदार रहते हैं जबकि ऊपरी मंजिल पर आशीष चौहान का परिवार रहता है। किरायेदारों को नहीं पता चला कि अक्षित ने आत्महत्या कर ली।
नौ बजे तक सुना म्यूजिक, इसके बाद की आत्महत्या
मम्मी पापा और बहन करीब आठ बजे घर से निकले थे। उनके घर से निकले के बाद अक्षित ने म्यूजिक शुरू कर दिया था। करीब एक घंटे तक उसने म्यूजिक सुना। आस पड़ोस के लोगों ने पुलिस को बताया कि नौ बजे म्यूजिक बंद हो गया था। माना जा रहा है कि इसके बाद ही छात्र ने आत्महत्या की होगी।