लेबनान में इस्राइल के हमले में जान गंवाने वाले हिजबुल्ला प्रमुख अयातुल्ला हसन नसरुल्ला की याद में नगर के इमामबाड़ा हजरत अबुतालिब में ताजीयत जलसा हुआ। जलसे के बाद शिया समुदाय ने कैंडल मार्च निकाला। इसमें अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ नारेबाजी की गई।
नगर के इमामबाड़ा हजरत अबुतालिब में हुए जलसे में मौलाना आफाक आलम जैदी ने कहा कि अयातुल्ला हसन नसरुल्ला ने आलम-ए-इंसानियत के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया। उनकी शहादत से जो समाज को नुकसान हुआ है उसकी भरपाई नहीं की जा सकती। मौलाना नैयर रजा नकवी ने कहा कि जुल्म होते देखना भी जुल्म करने के बराबर है।
जमाल नासिर रिजवी ने कहा कि जुल्म पर खामोश रहने वाले भी इंसानियत के दुश्मन हैं। शिया नेता कमर दानिश रिजवी ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक व सोशल मीडिया पर नसरुल्ला को आतंकी बताया जा रहा है। आतंकी कहने वाले चैनलों और सोशल मीडिया के खिलाफ भारत सरकार कार्रवाई करे। सभासद अख्तर रजा रिजवी ने कहा कि कर्बला में हजरत इमाम हुसैन ने इंसानियत के लिए कुर्बानी पेश की, उसी राह पर चलते हुए हसन नसरुल्ला शहीद हो गए। अजादारी कमेटी के अध्यक्ष मेहंदी नकवी ने कहा कि अमेरिका और इस्राइल इस्लाम ही नहीं बल्कि इंसानियत के दुश्मन हैं।
शिक्षक अंबर रजा रिजवी, अख्तर हसनैन रिजवी, एजाज हाशिम नकवी, अजहर अब्बास नकवी व काशिफ अब्बास काजमी ने भी विचार रखे। जलसे के बाद शिया समुदाय ने कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान इस्राइल व अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। कैंडल मार्च में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।