दि बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अमीरुल हसन जाफरी ने वसीम रिजवी का सिर कलम करने वाले के लिए 11 लाख रुपये इनाम की घोषणा की है। बार के पूर्व अध्यक्ष जाफरी शनिवार को पूर्व विधायक राहत मौलाई की स्मृति में आयोजित कौमी एकता प्रोग्राम में बोल रहे थे।
आईएमए के सभागार में राहत मौलाई मेमोरियल सोसायटी की ओर से आयोजित कार्यक्रम में जाफरी ने कहा कि वसीम रिजवी ने कुरान की 26 आयतों के खिलाफ देश की सर्वोच्च अदालत में जो रिट दायर की है, उसकी हम मजम्मत करते हैं।
उन्होंने कहा कि वसीम रिजवी इंसान नहीं शैतान हैं। कुरान मजीद के बारे में गलत बयानबाजी करने वाले को ऐसी सजा देना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि इनाम की राशि की व्यवस्था वह अपने पास से और बार एसोसिएशन के लोगों से चंदा करके एकत्र करेंगे।
अगर इसके बाद भी रकम कम पड़ती है तो वह अपनी औलाद को भी बेच देंगे। उनकी इस घोषणा के समय मंच पर मौजूद शहर इमाम समेत कई अन्य लोग सकते में आ गए, हालांकि किसी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं की।
कार्यक्रम के आयोजक एवं पूर्व विधायक राहत मौलाई के बेटे कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष असद मौलाई ने अधिवक्ता अमीरुल हसन जाफरी के इस बयान को उनका निजी विचार बताया है।
उधर दि बार एसोसिएशन के महासचिव राकेश वशिष्ठ का कहना है कि अमीरुल हसन जाफरी के दिए गए कट्टरपंथी बयानों से दि बार एसोसिएशन का कोई संबंध नहीं है और ना ही भविष्य में कभी होगा। यह उनका व्यक्तिगत बयान है।