भाजपा नेता अनुज के सभी दुश्मन हो गए थे दोस्त
अनुज चौधरी की हत्या का ताना बाना जेल में बुना गया था। यहां उम्रकैद की सजा काट रहे एक कैदी से अनुज चौधरी के दुश्मन मुलाकात करने पहुंचे थे। लंबी चर्चा करने के बाद जेल से बाहर आते ही भाजपा नेता को गोलियों से भून दिया गया था।
अनुज के दोस्तों की लिस्ट लंबी होने के साथ दुश्मनों की भी संख्या कम नहीं है। संभल के अलिया नेकपुर निवासी अनुज चौधरी के दादा की 2013 में मौत हो गई थी। बताया जा रहा है कि इस मामले में अनुज चौधरी के परिवार की ओर से गांव के ही कुछ लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया था।
जिसके बाद गांव में अनुज के परिवार की रंजिश दूसरे परिवार से शुरू हो गई थी। तब अनुज अपने परिवार के साथ अमरोहा के हसनपुर के बुखारीपुर गांव में चले गए थे। इसके बाद भी अनुज चौधरी ने अपनी राजनीति संभल में सक्रिय रखी।
जिस कारण असमोली की ब्लॉक प्रमुख के पति प्रभाकर और उनके बेटे अनिकेत से रंजिश बढ़ती जा रही थी। इसके अलावा अनुज ने प्रॉपर्टी के धंधे में भी किस्मत अजमाई। जिसमें वह तेजी से आगे बढ़ा।
यहां भी दुश्मनों की संख्या बढ़ती चली गई। साथ ही दोस्त भी बनते चले गए। दो सितंबर 2020 को अमरोहा में केजीके कॉलेज के पूर्व छात्र नेता एवं संभल के भवालपुर निवासी मोहित चौधरी पर हमला हुआ। जिसमें मोहित चौधरी सात गोलियां चली गई थीं।
इस हमले की साजिश रचने में भी अनुज का नाम सामने आया था। मोहित का परिवार भी अनुज से रंजिश रखने लगा था। इसके बाद अनुज ने रहने के लिए सुरक्षित स्थान मुरादाबाद में चुना था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि अनुज के अधिकांश दुश्मन एक हो गए थे।
इसके लिए उन्होंने एक मजबूत प्लानिंग की थी। जिसकी पूरी साजिश जेल में रची गई थी। सोसायटी में कुछ लोगों को अपने विश्वास में लिया गया था। जिसके बाद शूटरों को आने जाने में कोई दिक्कत न हो। घटना वाले दिन शूटर पहले ही सोसायटी में पहुंच गए थे।
इसके बाद ही इस वारदात को अंजाम दिया गया था। जांच में सामने आया है कि कुछ लोगों ने दो दिन पहले ही जेल में अनुज के एक दुश्मन से मुलाकात की थी।