पिता आजम खां के साथ अब्दुल्ला आजम
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मुरादाबाद के छजलैट में पंद्रह साल पुराने प्रकरण के मुकदमे में आरोपी आजम खां और अब्दुल्ला आजम को छोड़ बाकी सभी आरोपियों की ओर से बहस पूरी ह्रो गई है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए आगामी 27 जनवरी लगा दी है। जिसमें आजम खां और अब्दुल्ला आजम की ओर से बहस की जाएगी।
थाना छजलैट में 29 जनवरी 2008 सपा के पूर्व मंत्री और रामपुर के पूर्व विधायक आजम खान की कार को चेकिंग के लिए रोका था। जिसके बाद विवाद बढ़ गया और आसपास के जनपदों से सपा के नेता मौके पर पहुंचे थे। जिन पर आरोप लगा था कि इन्होंने आम जनता को उकसा कर सड़क जाम करते हुए बवाल किया और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। इस मुकदमे की सुनवाई जिले की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में की जा रही है। विशेष लोक अभियोजक मोहन लाल विश्नोई ने बताया कि आजम खान और अब्दुल्ला आजम की ओर से सोमवार को स्थगन प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया। शेष आरोपियों जिनमें पूर्व महानगर अध्यक्ष राजकुमार प्रजापति, पूर्व विधायक हाजी इकराम कुरैशी, नईम ऊल हसन, राजेश यादव, डीपी यादव के वकीलों ने अपना पक्ष रखते हुए अदालत में बहस की। जिसमें उन्होंने आरोपों का खंडन किया। अदालत ने आजम खां और अब्दुल्ला आजम के अधिवक्ता को 27 जनवरी को अपना पक्ष रखने का समय दिया है।
अवमानना के मामले में नहीं हुई सुनवाई
आजम खां के उपर चल रहे अदालत की अवमानना के मुकदमे में सोमवार को भी सुनवाई नहीं हुई। गवाह के नहीं आने के कारण सुनवाई टल गई। छजलैट थाने में वर्ष 2020 में केस दर्ज किया गया था। जिसमें अदालत से जारी समन के बाद भी आजम खां अदालत में हाजिर नहीं हुए थे। जिसके कारण यह अदालत की अवमानना का मुकदमा दर्ज हुआ था। इस मामले में अब तक अभियोजन की ओर से सात गवाह पेश किए जा चुके हैं। इस मामले में भी सुनवाई के लिए 27 जनवरी लगाई है।