तीन दिवसीय निरीक्षण के बाद लाइसेंस के लिए उल्टी गिनती शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि 15 दिन के भीतर डीजीसीए अपनी रिपोर्ट देगा। मध्य सितंबर के बाद मुरादाबाद हवाई अड्डे पर उद्घाटन का फीता कट सकता है। डीजीसीए के उप निदेशक सुनील राठी, संयुक्त निदेशक सीमा अष्ट व नरेश मीना ने यह निरीक्षण किया।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की ओर से जीएम इंजीनियर हरि कुमार, जीएम एयरोड्रम लाइसेंसिंग एलडी मोहंती, संयुक्त महाप्रबंधक समेत एयरपोर्ट डायरेक्टर संदीप कुमार, श्रावस्ती के एयरपोर्ट डायरेक्टर सतेंद्र यादव मौजूद रहे। 20 दिन पहले ही बीसीएस की टीम ने सिक्योरिटी व फ्लोर वैटिंग के बाद हवाई अड्डे को फिट घोषित किया था।
अंतिम निरीक्षण के दौरान एक बार फिर इस टीम को बुलाया गया, इससे सभी तथ्य स्पष्ट रहें। निरीक्षण के दौरान परिसर में उगी बड़ी-बड़ी घास को कटाने के लिए मजदूर लगाए गए। पार्किंग के अलावा रनवे के आसपास भी साफ-सफाई के लिए टीम ने निर्देश दिए।
चेक इन के लिए बने प्रवेश द्वार पर भी मरम्मत कार्य चल रहा था। विभागीय जानकारों के मुताबिक इस बार मुरादाबाद हवाई अड्डे को उड़ान के लिए लाइसेंस मिलना तय है। इसके बाद अलीगढ़, चित्रकूट और श्रावस्ती का निरीक्षण होगा।
लखनऊ-कानपुर के लिए शुरू होगी फ्लाइट सेवा
मुरादाबाद हवाई को लाइसेंस मिलने के बाद लखनऊ व कानपुर के लिए फ्लाइट शुरू होगी। यहां से सप्ताह में हर दिन 19 सीटर विमान उड़ान भरेंगे। फिलहाल ट्रेन से लखनऊ जाने में साढ़े पांच घंटे लगते हैं। फ्लाइट से महज दो घंटे में लखनऊ पहुंच जाएंगे।
इसी तरह ट्रेन से कानपुर पहुंचने में आठ घंटे लगते हैं, जबकि फ्लाइट के जरिये ढाई से तीन घंटे में कानपुर पहुंच जाएंगे। लगभग ट्रेन के किराये में मुरादाबाद के लोग फ्लाइट का आनंद ले सकेंगे। इस हवाई अड्डे का लाभ मुरादाबाद मंडल के सभी जनपदों के निवासियों को मिलेगा।