बड़ी बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि
मंगलवार दोपहर ढकिया नरू श्मशान घाट पर इंजीनियर का अंतिम संंस्कार किया गया। गमगीन माहौल में इंजीनियर की बड़ी बेटी वानी ने पिता के शव को मुखाग्नि दी। इंजीनियर की अन्य बेटियां भी श्मशान घाट पर मौजूद थीं। एजीएम सुनील कुमार भटनागर सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के मोरा की मिलक आशियाना कॉलोनी के मूल निवासी थे।
वह कई वर्ष तक गोंडा चीनी मिल में एजीएम रहे। एक साल पहले उन्होंने बिलारी चीनी मिल में एजीएम इंजीनियरिंग की जिम्मेदारी संभाली। वह अपने परिवार के साथ बिलारी चीनी मिल की आवासीय कॉलोनी के क्वार्टर में रह रहे थे।
इंजीनियर के परिवार में पत्नी चित्रा भटनागर के अलावा तीन बेटियां वानी भटनागर, आकांक्षा भटनागर और इषिता भटनागर हैं। वानी अभी बीएमएस कर रही है, इषिता लखनऊ में पढ़ाई कर रही है और आकांक्षा गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में काम कर रही है।
सिर के बल गिरने से गई जान
स्थानीय लक्ष्मी जी चीनी मिल के उपाध्यक्ष सुभाष खोखर ने बताया कि सहायक महाप्रबंधक सुनील कुमार भटनागर की मौत फिसल कर सिर के बल गिरने से हुई है। मिल उपाध्यक्ष के अनुसार मिल हाउस पर काम देखते समय अचानक इंजीनियर सीढ़ी से फिसलकर सिर के बल गिर गए और बेहोश हो गए। बाद में मुरादाबाद के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
सपा विधायक ने जताई शोक संवेदना
स्थानीय सपा विधायक हाजी मोहम्मद फहीम इरफान मंगलवार दोपहर बिलारी चीनी मिल के आवासीय इलाके में इंजीनियर के परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की। साथ की परिवार का ढांढस बंधाया।