हादसे में जान गंवाने वाला प्रियांशु पांच बहनों का इकलौता भाई था। उसके पिता राजकुमार और मां की पांच साल पहले मौत हो गई थी। पांचों बहन शानू, रानू, रिंकी, पिंकी और विधि अपने इकलौते भाई प्रियांशु का बहुत ख्याल रखती थीं। प्रियांशु बिलासपुर में अपनी बहन विधि के घर रहकर फैक्टरी में काम करता था। दो दिन पहले ही वह बिलासपुर से दोस्तों से मिलने मुरादाबाद आया था।
इकलौते भाई की मौत से पांचों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जान गंवाने वाले दूसरे युवक कुलदीप के पिता सुनील सैनी की बीमारी के चलते पांच साल पहले मौत हो गई थी। पिता की मौत के बाद कुलदीप के ऊपर ही मां चंद्रवती, छोटे भाई सनी और छोटी बहन ज्योति की जिम्मेदारी आ गई थी। कुलदीप अपने परिवार का पालनहार था। अब कुलदीप के परिवार के पास बेटे की यादें बची हैं।
हादसे में जान गंवाने वाला तीसरा युवक प्रशांत फैक्टरी में काम करता था। उसके परिवार में दो भाई रवि शर्मा और स्वास्तिक शर्मा और एक बहन शिवानी शर्मा है। पिता राजेंद्र शर्मा फैक्टरी में मजदूरी करते हैं प्रशांत भी घर चलाने में अपने पिता का हाथ बंटाता था, जबकि मां नीता शर्मा की पहले ही मौत हो चुकी है।
हादसे में मोबाइल भी हुए क्षतिग्रस्त
तीनों दोस्त रात में घूमने के लिए निकले थे लेकिन वह हाईवे पर हादसे का शिकार हो गए। इस हादसे में उनके मोबाइल भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। जिस कारण परिवार से कोई संपर्क नहीं हो पाया। शनिवार सुबह पुलिस ने मृतकों के जेबों की तलाशी ली तो आधार कार्ड मिल गए। जिससे मृतकों की पहचान के बाद उनके परिजनों को सूचना दी गई।