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Moradabad: तेंदुए ने किया घोड़े का शिकार, खेत में ले जाकर गर्दन और पेट नोच खाया, मंडल भर में लगाए 90 पिंजरे

Sat, 08 Aug 2026 11:58 AM IST
Vimal Sharma अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद/अमरोहा

सार

मुरादाबाद मंडल में तेंदुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। चंदपुर गुलरिया मुस्तापुर में तेंदुए ने खेत के पास घास चर रहे घोड़े को मारकर गन्ने के खेत में खींच लिया। तीन अगस्त को लालापुर पीपलसाना में महिला की मौत के बाद ग्रामीणों में दहशत है। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए थर्मल ड्रोन समेत कई टीमों को अभियान में लगाया गया है। 
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ठाकुरद्वारा में दिखा तेंदुआ - फोटो : संवाद
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विस्तार
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ठाकुरद्वारा क्षेत्र में तेंदुओं का आतंक बढ़ता जा रहा है। वन विभाग की घेराबंदी, थर्मल ड्रोन और तमाम पिंजरों के बावजूद शुक्रवार सुबह तेंदुए ने गांव चंदपुर गुलरिया मुस्तापुर में खेत के पास घास चर रहे एक घोड़े को मार डाला। तेंदुआ घोड़े को खेत के भीतर घसीट ले गया और उसका शरीर बुरी तरह नोच खाया।

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जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, वह गन्ने के खेत में गायब हो चुका था। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। ग्रामीण खेतों में जाने से डर रहे हैं और बच्चों को घरों से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा। तीन अगस्त को तेंदुए ने लालापुर पीपलसाना में खेत पर काम कर रही एक महिला की जान ले ली थी।

तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग ने अभियान और तेज कर दिया है। मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर और अमरोहा वन प्रभागों की टीमें पहले से मैदान में हैं। इनके साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व के विशेषज्ञ, थर्मल ड्रोन ऑपरेटर और आगरा रेस्क्यू टीम भी लगातार गश्त रही है।
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संवेदनशील गांवों में करीब 10 पिंजरे लगाए जा चुके हैं, जबकि शुक्रवार को बिजनौर से दो और पिंजरे मंगाकर चंदपुर गुलरिया मुस्तापुर में लगाए गए। तेंदुए ने जिस स्थान पर घोड़े का शिकार किया था और जहां से खींचकर खेत में ले गया था वहां घंटों वन विभाग की टीम ने कांबिंग की।

आसपास के खेतों पर ड्रोन भी उड़ाया गया। लेकिन तेंदुआ हाथ नहीं लगा।  मंडलीय वन संरक्षक आदर्श कुमार का कहना है कि कोविड काल में खेतों में मानवीय गतिविधियां कम होने से गन्ने के खेत तेंदुओं के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गए।

उसी दौरान बड़ी संख्या में प्रजनन हुआ और अब वे शावक बड़े होकर अपना इलाका तलाशते हुए गांवों तक पहुंच रहे हैं। अधिकारियों का अनुमान है कि केवल ठाकुरद्वारा क्षेत्र में इस वर्ष करीब 30 शावकों का जन्म हुआ है। जंगलों में बाघों की बढ़ती संख्या के कारण भी तेंदुए खेतों और आबादी की ओर खिसक रहे हैं।

डेढ़ लाख रुपये का मांस पिंजरे तक नहीं खींच सका एक भी तेंदुए को
मंडल में तेंदुओं को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरों में वन विभाग अब तक करीब डेढ़ लाख रुपये का कच्चा मांस रख चुका है। पूरे मंडल में करीब 90 पिंजरे लगाए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अब पिंजरों में जीवित बकरी या कुत्ता नहीं बांधा जाता। जरूरत पड़ने पर हमले के शिकार व्यक्ति के खून से सने कपड़ों की गंध का भी उपयोग किया जाता है, ताकि तेंदुआ उसी स्थान पर लौटे।

इसके बावजूद आदमखोर तेंदुए लगातार वन विभाग को चुनौती दे रहे हैं और ठाकुरद्वारा क्षेत्र में लोगों की दहशत कम होने का नाम नहीं ले रही। तेंदुओं को पकड़ने के लिए वन विभाग लगातार पिंजरों की संख्या बढ़ा रहा है। जहां से भी तेंदुआ देखे जाने की सूचना मिलती है वहीं पिंजरा लगा दिया जाता है। पिंजरे में मांस भी रखा जाता है। लेकिन अभी तक तेंदुए पकड़ में नहीं आ सके हैं।

गन्ने के खेत में तेंदुए ने नीलगाय का किया शिकार, क्षेत्र में गश्त शुरू
डिडौली कोतवाली क्षेत्र के जगा नगला गांव के कैलसा मार्ग स्थित गन्ने के खेत में शुक्रवार को तेंदुए ने नीलगाय पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में दहशत फैल गई।  सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और घायल नीलगाय को उपचार के लिए बुढ़नपुर स्थित वन विभाग की नर्सरी ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

गांव निवासी किसान मुनव्वर के गन्ने के खेत में तेंदुए ने नीलगाय पर हमला किया था। सूचना मिलने पर वन दरोगा यशबंत सिंह, केपी सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। टीम ने घायल नीलगाय को नर्सरी पहुंचाया, जहां पशु चिकित्सक डॉ. बृजेश कुमार ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।

नीलगाय की मौत के बाद वन विभाग ने नियमानुसार गड्ढा खोदकर दबा दिया। डीएफओ राजीव कुमार ने बताया कि विभागीय टीम गश्त शुरू कर दी है। जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगाया जाएगा।  
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मलंगपुरा में तेंदुआ दिखने से दहशत
मंडी धनौरा क्षेत्र के गांव मलंंगपुरा में शुक्रवार की सुबह एक खेत में तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीणों में दहशत है। तेंदुआ दिखाई देने की जानकारी मिलने पर ग्रामीण खेतों पर जाने से कतरा रहे हैं। क्षेत्र के कई गांवों में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। तेंदुआ रोजाना किसी न किसी गांव में दिखाई दे रहा है।

तेंदुआ पशुओं को अपना निवाला बना रहा है। पिछले दिनों तेंदुए ने क्षेत्र के गांव शहजादपुर निवासी किसान कुलदीप सिंह पर हमला कर घायल कर दिया था। किसान ने कुल्हाड़ी से अपनी जान बचाई थी। मलंगपुरा निवासी किसान सतपाल सिंह का कहना है कि शुक्रवार की सुबह उसके खेत के पास एक तेंदुआ दिखाई दिया।
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