दिवाली की वजह से दोपहर में खेत पर जा रही थीं दादी
सूरजनगर निवासी नन्हें के घर में भी सोमवार की दोपहर दिवाली की तैयारी चल रही थी। परिवार के अन्य लोग साफ सफाई और कुछ खरीदारी में लगे थे। बताया जा रहा है कि सुनीता और उनकी पोती एंजल भी घर की साफ सफाई में लगी थी। सुनीता अक्सर शाम को खेत पर जाती थी लेकिन शाम को दिवाली मनानी थी और दीये जलाने थे।
इसलिए वह पोती को साथ लेकर दोपहर में ही चारा लेने खेत पर जार ही थी। ताकि शाम से पहले ही वह घर लौट आए लेकिन हादसे में दोनों की मौत हो गई। इससे परिवार में कोहराम मच गया और फिर परिवार ने दिवाली भी नहीं मनाई।