फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

झूठे केस में फंसाने की धमकी: मकान बनाने के नाम पर 29.50 लाख की ठगी, ठेकेदार का बहाना सुन पुलिस भी हैरान

Tue, 19 Nov 2024 05:47 PM IST
विमल शर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद के सिविल लाइन क्षेत्र में मकान निर्माण के नाम पर 29.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। ठेकेदार ने उप प्रधानाचार्य से पूरी राशि लेने के बाद भी मकान नहीं बनाया। अब झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
ठेकेदार बनाने लगा बहाने - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मकान बनाने के नाम पर 29.50 लाख रुपये ठगने, घर से बैग चोरी करने और झूठे केस में फंसाने का मामला सामने आया है। इस प्रकरण में सोमवार को पीड़ित पक्ष ने आरोपी ठेकेदार व एक अज्ञात के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई है।

विज्ञापन


पीड़ित ने पुलिस को बताया है कि ठेकेदार ने पूर्व में एसपी सिटी के सामने रुपये लेने की बात स्वीकार भी की है और उसके बाद भी मकान नहीं बनाकर उलटे धमकी दे रहा है। पीड़ित हरि सिंह उर्फ जोन हरीश जीवनगीत कॉलोनी में शिरडी साईं स्कूल के पास रहते हैं। वह सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल में उप प्रधानाचार्य पद पर कार्यरत हैं।

उन्होंने बताया कि मकान निर्माण का ठेका ठेकेदार शारिक मलिक पुत्र शहजाद को दिया था। ठेकेदार पाकबड़ा में बुद्धबाजार पंचायत घर के पास का रहने वाला है। उप प्रधानाचार्य ने बताया कि मकान बनाने में ठेकेदार से 29.50 लाख मय निर्माण सामग्री, बिजली, कॉरपेंटर, पेंट आदि का ठेका तय हुआ था। 
विज्ञापन


यह भी तय हुआ था कि ठेकेदार उन्हें संपूर्ण मकान का एक पोरशन 31 मार्च 2024 तक तैयार करके देगा। इसी के बाद ठेकेदार ने मौके पर दो-तीन लेबर लगाकर काम शुरू कराया था, लेकिन लेबर कम होने व जरूरत का सामान मौके पर न होने और ठेकेदार द्वारा काम पर ध्यान न देने से तय समय पर मकान का एक पोरशन भी तैयार नहीं हो सका।

धीरे-धीरे उप प्रधानाचार्य से ठेकेदार ने ठेके की तय रकम 29.50 लाख रुपये भी ले लिए थे। यह पैसा उप प्रधानाचार्य ने होम लोन लेकर दिया था। उप प्रधानाचार्य ने बताया कि जब उन्होंने ठेकेदार से आपत्ति जताई तो उसने अपना एक्सीडेंट होने का बहाना बताया।

यह कहा कि पूरे पैसे उसके इलाज में खर्च हो गए हैं और लेबर की मजदूरी भी बकाया हो गई है। उप प्रधानाचार्य ने बताया कि मकान बनाने के लिए ठेकेदार उनसे और 11 लाख रुपये मांगने लगा। न देने पर झूठे केस में फंसा देने की धमकी देने लगा।

जिस पर उन्होंने एसपी सिटी से शिकायत की थी। एसपी सिटी ने 19 जुलाई 2024 को ठेकेदार, काम करने वाले लेबर को भी बुलाकर पूछताछ की तो ठेकेदार ने गलती स्वीकारी थी। साथ ही उप प्रधानाचार्य से मकान बनाने के लिए 29.50 लाख रुपये लेने की बात लिखित में स्वीकार की थी।

फिर 15 सितंबर तक मकान निर्मित कराकर देने का वादा किया था। इस मामले में सिविल लाइन थानाध्यक्ष मनीष सक्सेना ने बताया कि उप प्रधानाचार्य की तहरीर पर मामला दर्ज किया है। जांच कर कार्रवाई करेंगे।

आरोप : ठेकेदार घर से बैग उठा ले गया 

उप प्रधानाचार्य का आरोप है कि 25 जुलाई की दोपहर एक बजे उनकी अनुपस्थिति में ठेकेदार उनके घर घुस आया और स्टडी रूम में रखा प्लास्टिक बैग उठाकर ले गया। उसमें उनके हस्ताक्षरयुक्त भारतीय स्टेट बैंक का चेक रखा था, उसमें धनराशि अंकित नहीं थी।

बैग में स्कूल के दस्तावेज व 5200 रुपये भी रखे थे। उन्होंने बताया कि ठेकेदार के उनके घर आने की सूचना पड़ोसी ने दी थी। जिस पर उन्होंने घर आने का कारण पूछा तो वह उप प्रधानाचार्य से गाली-गलौज करने लगा। उप प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने घर से बैग चोरी करने व गाली-गलौज करने की सूचना एसपी सिटी को दी थी, लेकिन इस मामले में कार्रवाई शून्य रही।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें