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बिन डिग्री बन गया डाॅक्टर: इलाज करता मिला 12वीं पास झोलाछाप, क्लीनिक किया सील... ऑनलाइन मिली थी शिकायत

Sat, 21 Sep 2024 11:53 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

मुरादाबाद में 12वीं पास झोलाछाप इलाज करता मिला। स्वास्थ्य विभाग ने उसके क्लीनिक पर पहुंचकर उसे सील कर दिया। डिप्टी सीएमओ को इसकी शिकायत ऑनलाइन मिली थी। 
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कुंदरकी में कार्रवाई करती स्वास्थ्य विभाग की टीम - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मुरादाबाद के गलशहीद थाना क्षेत्र में ईदगाह के पास स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एक झोलाछाप के क्लीनिक पर छापा मारा। डिप्टी सीएमओ विकास कुमार सिंह को आईजीआरएस पर शिकायत मिली थी कि एक रात की मस्जिद के पास एसएन मेमोरियल के नाम से अवैध क्लीनिक का संचालन हो रहा है।

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डिप्टी सीएमओ अपनी टीम के सात वहां पहुंचे तो उन्हें एसएन मेमोरियल क्लीनिक पर झोलाछाप रिजवान अली मरीजों का उपचार करता मिला। बोर्ड पर शैक्षिक योग्यता बीएनवाईएस, एमडी लिखी थी। जबकि रिजवान अली 12वीं पास निकला। क्लीनिक पर पांच मरीज भी मौके पर मिले, जिनमें से दो हाथ कटने पर पट्टी कराने आए थे।

क्लीनिक से कई दवाइयां भी बरामद हुईं। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन सीएमओ कार्यालय में नहीं है। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने के आरोप में विभाग ने गलशहीद थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

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महमूदपुर माफी में अवैध अस्पताल व अल्ट्रासाउंड सेंटर सील

कुंदरकी में मुरादाबाद-संभल बॉर्डर पर महमूदपुर माफी गांव में अवैध रूप से संचालित एमएस हॉस्पिटल और कृष्णा अल्ट्रासाउंड सेंटर को शुक्रवार को सील कर दिया गया। एसडीएम संभल विनय कुमार मिश्रा की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। छापे के दौरान एसडीएम को एमएस हॉस्पिटल के बोर्ड पर एमबीबीएस डॉक्टरों के भी नाम लिखे मिले। छापे में एक एमबीबीएस डॉक्टर मिले लेकिन वह सवालों के जवाब नहीं दे सके।

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पाकबड़ा में भी हुई कार्रवाई 

पाकबड़ा में डिप्टी सीएमओ डॉ. नरेंद्र चौधरी व उनकी टीम शुक्रवार को ने रतनपुर कलां में छापेमारी की। यहां बिना पंजीकरण चल रहे जीए अस्पताल को सील कर दिया गया। कार्रवाई की जानकारी पाकर क्षेत्र के अन्य झोलाछाप क्लीनिक बंद कर फरार हो गए। जीए अस्पताल संचालक के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम जीए अस्पताल में पहुंची तो स्टाफ भी भाग निकला। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि अस्पताल में कोई मरीज नहीं मिला। अस्पताल का पंजीकरण सीएमओ कार्यालय में न होने के कारण उसे सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक बार पहले भी इस अस्पताल को सील किया जा चुका है।

पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न होने के कारण झोलाछाप ने फिर मरीजों को देखना शुरू कर दिया। शुक्रवार को दोबारा सील लगाकर कानूनी कार्रवाई के लिए ताने में सूचना दी गई है। 

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