नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले तक पार्षद पद के लिए टिकट के दावेदारों की भरमार होने का दावा करने वाले राजनीतिक दल 70 वार्डों में प्रत्याशी नहीं उतार पाए। किसी भी दल को सभी 70 वार्डों में प्रत्याशी नहीं मिले। सबसे अधिक भाजपा के 64 पार्षद उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस के 53, सपा के 51, बसपा के 28, आप के 42 और एआईएमआईएम के 29 प्रत्याशी घोषित हैं।
निकाय चुनाव को लेकर दिसंबर 2022 में ही सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। इसके बाद राजनीतिक दलों के टिकट की चाह रखने वाले दावेदार सामने आने लगे। सभासद, पार्षद से लेकर अध्यक्ष और मेयर पद तक के लिए आवेदन आए। इसमें पार्षद पद के लिए सबसे अधिक मारामारी देखने को मिली। सियासी दलों का दावा था कि हर वार्ड से पांच से दस लोग टिकट के दावेदार हैं। किसी-किसी वार्ड में दावेदारों की संख्या दस से भी अधिक बताई गई। लेकिन प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की बारी आई तो राजनीतिक दलों के दावे हवा में उड़ गए। पार्टियों को प्रत्याशियों के लाले पड़ गए।
पार्षद पद के लिए दलों को हर वार्ड में प्रत्याशी नहीं मिल पाए। कोई भी दल शहर के सभी 70 वार्डों में अपना पार्षद उम्मीदवार नहीं उतार सका। भाजपा को छह तो कांग्रेस को 17 वार्डों में उम्मीदवार नहीं मिले। वहीं 19 वार्डों में सपा और 28 वार्डों में आप अपने प्रत्याशी नहीं उतार पाई। बसपा को शहर के 42 वार्डों में उम्मीदवार ढूंढे नहीं मिले, जबकि एआईएमआईर्एम 30 का आंकड़ा भी पार नहीं कर सकी। सभी वार्डों में पार्षद प्रत्याशी नहीं उतारने के पीछे दलों के अपने अलग-अलग तर्क हैं। फिलहाल सभी राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों को जीतने में जुट गए हैं।