मुरादाबाद। मोहर्रम का चांद शनिवार दिखाई देने के साथ ही मुस्लिम समाज में रंजो गम का सिलसिला शुरू हो गया। खास तौर पर शिया समुदाय में महिलाओं ने अपने घरों में काला लिबास पहन लिया और चूड़ियां उतार दीं। चांद रात होने पर मोहल्ला लाकड़ी वालान में मरहूम मशकूर हसन नकवी के आवास पर मजलिस हुई। जिसको शिया मौलाना तनवीर अब्बास आजमी ने खिताब किया।
मजलिस में उन्होंने करबला का वाकया सुनाया। जिसे सुनकर अजादारों के आंसू निकल आए। अजादारों ने या हुसैन, या हुसैन की सदाएं बुलंद कीं। मजलिस के बाद अलम मुबारक का जुलूस निकाला गया जो इमामबाड़ा हकीम फरजंद अली पर जाकर संपन्न हुआ। मजलिस में नौहाख्वानी और मातम हुई। इस दौरान मोहम्मद अरमान नकवी, मोहम्मद जकी नकवी, मोहम्मद अब्बास एडवोकेट, हाजी नसीम हैदर, हाजी अनीस बाकरी, डॉ. सिब्ते नबी, हाजी मंजूर हसन नकवी, आसिफ रजा, मोहम्मद आरिज अब्बास, जावेद यावर नकवी, असीम यावर नकवी, कौसर अली, फरजंद अली, कुमैल हैदर, मास्टर जकी, हाजी नकी हैदर, अली अनवर प्रिंस, हाजी अमीरुल हसन जाफरी, शाहनवाज एडवोकेट सहित भारी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
रविवार सुबह 8:30 बजे पहली मजलिस मोहल्ला लाकड़ी वालान में अली यावर नकवी के मकान पर होगी। जिसको मौलाना हसन मुज्तबा, दूसरी मजलिस चौमुखा पुल स्थित मीर सआदत अली इमाम बाड़ा में शाम चार बजे और तीसरी मजलिस रात आठ बजे हकीम इमाम बाड़ा फरजंद अली में होगी। जिसको मौलाना हसन मुज्तबा खिताब करेंगे। यह सिलसिला मोहर्रम की नौ तारीख तक जारी रहेगा।