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Moradabad News: मम्मी आप चिंता मत कीजिए...मैं अफसर बनकर पूरा करूंगी पापा का सपना

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मुरादाबाद।
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नौ साल पहले शहर के फव्वारा चौराहे पर गोली मारकर मौत के घाट उतारे गए सिविल सर्विसेस की तैयारी कर रहे पुष्पेंद्र यादव की बेटी तृषिता 10 साल की हो गई। मम्मी को उदास या रोता देख कर तृषिता उसे समझाने लगती है। वह मां की आंखों से आंसू पोछते हुए बोलती है मम्मी आप चिंता मत कीजिए। पापा अफसर बनना चाहते थे लेकिन दुश्मनों ने ऐसा नहीं होने दिया। मैं अफसर बनकर अपने पापा का सपना पूरा करूंगी।
कटघर के गोविंद नगर निवासी आनंद पाल सिंह के बेटे पुष्पेंद्र यादव की 21 सितंबर 2015 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अदालत ने सोमवार को इस मामले में महिला कल्याण विभाग के दो सेवानिवृत्त बाबू समेत नौ दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। पुष्पेंद्र के परिवार ने इंसाफ के लिए लंबा संघर्ष किया है। पुष्पेंद्र की मां ने बताया कि जिस वक्त पुष्पेंद्र की हत्या की गई थी तब उसकी बेटी तृषिता एक साल 4 माह की थी अब दस साल की हो गई है। वह पांचवीं कक्षा में पढ़ रही है। पुष्पेंद्र की पत्नी दीक्षा उर्फ गुड्डी यादव ने बताया कि शुरुआत में बेटी बार बार अपने पापा के बारे में पूछती थी वो बोलती कि दूसरे बच्चों के पापा उन्हें स्कूल छोड़ने जाते हैं मेरे पापा कहां हैं। उस वक्त बेटी को तरह तरह की कहानियां सुनाकर समझा दिया जाता था लेकिन अब वह समझदार हो चुकी है। दीक्षा उर्फ गुड्डी अपने पति की याद में उदास होती है या रोती है तो बेटी समझाने लगती है। मम्मी आप चिंता मत दीजिए मैं अफसर बनकर पापा का सपना पूरा करुंगी।
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उस मनहूस दिन को नहीं भूल पाऊंगी
मुरादाबाद। 21 सितंबर 2015 की सुबह सात बजे का वक्त था। मेरी बेटी ने चाय बनाई थी। पुष्पेंद्र कोचिंग जाने के लिए तैयार हो रहा था। बेटी ने चाय का कप पुष्पेंद्र को दिया लेकिन कप नीचे गिर गया था। उस वक्त से ही मेरे मन में बेचैनी होने लगी थी। तब बहू पोती को लेकर अपने मायके गई थी। मेरा बेटा उस दिन भूखा ही चला गया था। मैं गेट पर खड़ी होकर बेटे को देखती रही। बेटे के घर लौटने का इंतजार कर रही थी लेकिन बेटा तो नहीं आया उसकी हत्या की सुनाई मिली थी। उस मनहूस दिन का एक एक पल मुझे आज भी याद है।
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पूरे परिवार को खत्म करने की मिली थीं धमकियां
मुरादाबाद। पुष्पेंद्र के पिता आनंद पाल सिंह ने बताया कि बेटे ने घटना से एक साल पहले ही महिला कल्याण विभाग से नौकरी छोड़ दी थी लेकिन चुन्नी लाल और मुकुट लाल को शक था कि पुष्पेंद्र यादव ने चार साल तक विभाग में कंप्यूटर आपरेटर के पद संविदा पर पर नौकरी की थी। उसे घोटाले की जानकारी है। इस लिए दोनों ने तीन लाख रुपये की सुपारी देकर बेटे की हत्या कर दी थी। इस मामले में नौ आरोपी जेल भेजे गए थे। आरोपियों ने समझौता करने के लिए चार करोड़ रुपये का लालच दिया था लेकिन मैंने और मेरे परिवार ने ठान लिया था कि दोषियों को सजा दिलाने तक लड़ते रहेंगे इसके बाद आरोपियों ने पूरे परिवार को खत्म करने की धमकियां दी थीं।
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