अमर उजाला की ओर से मुरारीलाल माहेश्वरी राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता के मंडल स्तर का आयोजन बुधवार को एमआईटी में किया गया। देशहित में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध जरूरी है विषय के पक्ष और विपक्ष में प्रतिभागियों ने जोरदार तर्क प्रस्तुत किए।
कहा, समय के कदमताल बैठाने के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग आवश्यक है, लेकिन देश की सुरक्षा से ऊपर कुछ भी नहीं है। इसलिए तकनीक का उपयोग समाजहित और देशहित में किया जाना चाहिए। पहले तीन स्थान के अलावा दो सांत्वना स्तर पर रहने वाले विजेताओं को नकद धनराशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
मंडल स्तरीय प्रतियोगिता में मुरादाबाद के अलावा रामपुर, अमरोहा, संभल, बिजनौर के विभिन्न कालेजों के कुल 10 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का शुभारंभ निर्णायक मंडल के सदस्य गोकुलदास हिंदू गर्ल्स कालेज की शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. शशि सिंह, केजीके कालेज के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुनील कुमार चौधरी, एमएच कालेज के समाजशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. अजीत दीक्षित ने किया।
मुख्य अतिथि आईजी रमित शर्मा, विशिष्ट अतिथि जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार द्विवेदी, शिक्षाविद्-समाजसेवी शुभम गोयल रहे। अतिथियों ने कहा कि सोशल मीडिया के प्रयोग के मानक तय करें, ताकि प्रतिबंध करने की आवश्यकता ही नहीं पड़े। अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. रोहित गर्ग ने की। इस दौरान सचिव वाईपी गुप्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर आलोक पांडेय, डॉ. मीनू मेहरोत्रा आदि मौजूद रहीं।
विजेताओं को मिला पुरस्कार
प्रथम पुरस्कार अमरोहा के मोहित शर्मा, सात हजार रुपये
द्वितीय पुरस्कार मुरादाबाद की रजनी चौधरी, पांच हजार रुपये
तृतीय पुरस्कार रामपुर की मनीषा आनंद, तीन हजार रुपये
सांत्वना पुरस्कार मुरादाबाद की कशिश चौहान, बिजनौर के नारायण मिश्रा, 15-15 सौ रुपये
ये बोले विजेता
सच्चाई को जानने का लें संकल्प - मोहित
प्रथम पुरस्कार वाले वाले मोहित शर्मा ने विपक्ष में बोलते हुए कहा कि सोशल मीडिया आम आदमी की ताकत है। पीड़ित को न्याय, बेरोजगार को नौकरी, जरूरतमंद को सहारा इसके माध्यम से मिल रहा है। आग का आविष्कार किसी के घर को जलाने के लिए नहीं किया गया था। कुछ गलत और बेईमान लोगों की वजह से इसकी उपयोगिता पर अंगुली उठ रही है। इसलिए संकल्प करो कि किसी भी विचार को फारवर्ड करने से पहले उसकी वास्तविकता को जानेंगे।
अच्छा या गलत उपयोगिता पर निर्भर - रजनी
द्वितीय स्थान पर रहीं रजनी शर्मा ने विपक्ष में बोलते हुए कहा कि किसी भी चीज की जानकारी लेने के लिए आनलाइन रहना जरूरी है। जो तकनीक परीक्षा के फार्म भरवाती है, पाठ्यक्रम संबंधी सामग्री देती है, यहां तक कि क्लासरूम तक बना देती है तो यह कैसे गलत हो सकती है।
सर्जिकल स्ट्राइक, नोटबंदी, लोकसभा चुनाव से डोनाल्ड ट्रंप के पदभार ग्रहण करने तक, क्रिकेट, टेनिस के अलावा मनोरंजन आदि की जानकारी संचार के माध्यम से हम तक पहुंची है। इसका अच्छा या बुरा होना अपनी-अपनी सोच पर निर्भर है। उपयोगिता तय करेगी कि यह कितनी अच्छी या गलत है।
नई पहचान देती है सोशल मीडिया - मनीषा
तृतीय स्थान पर रहीं मनीषा आनंद ने विपक्ष में बोलते हुए कहा कि यदि प्रगति के पथ पर बढ़ना है तो समय के साथ चलना पड़ेगा। तकनीक के इस्तेमाल में सोशल मीडिया को प्रतिबंधित नहीं कर सकते हैं। इसके माध्यम से स्थानीय स्तर की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर मंच मिला है। इसमें सुरीली गायिका रानू मंडल और धावक रामेश्वर गुर्जर को नई पहचान दी है।