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या हुसैन..या हुसैन की गूंजीं सदाएं

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मुरादाबाद के नेहारयान मोहल्ला से मुहर्रम के मौके पर पंखा का जुलूस।
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मुरादाबाद। हजरत इमाम हुसैन और उनके जानशीनों की याद में शिया अजादारों ने खूनी मातम कर खिराजे अकीदत पेश की थी। या हुसैन, या हुसैन की सदाओं से माहौल गमगीन हो गया। शहादत की याद में रातभर जंजीरों और छुरियों से मातम का दौर चला। मंगलवार दोपहर से मुहर्रम के ताजियों के जुलूस के साथ काले लिबास में अजादारों ने पुराने शहर की सड़कों पर मातम किया। महिलाओं ने नम आंखों से हुसैन को याद किया। ताजियों को कर्बला में दफनाया गया। ईदगाह में इकट्ठा सभी ताजियों को कर्बला में दफनाने की रस्म अदायगी की गई।
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हजरत इमाम की कब्र पर बने भवन को ही कागज, बांस की तीलियों से बनाकर शिया अजादार इमाम हुसैन को याद करते हैं। शहर की पुरानी रवायत के मुताबिक पीरगैब पर शाम करीब पांच बजे कंबल का ताजिया उठाने के लिए सांसद डॉ. एसटी हसन, डीएम राकेश कुमार सिंह, एसएसपी अमित पाठक ने खुद ताजिया उठवाया। इससे पहले अजादारों ने हूरों की सलामी भी दी। ताजिया उठने के बाद ईदगाह में रखा गया। अहम है कि यह ताजिया सबसे पहले उठता है। इसके बाद ही शहरभर के ताजिये उठाए जाते हैं। सभी ताजिये दफनाने के बाद आखिरी में कंबल का ताजिया दफनाया गया। जुलूसों का क्रम दस सराय और रेती स्ट्रीट पर भी जारी रहा। करुला के जयंतीपुर से मुहर्रम का जुलूस निकाला गया। निहारियो मोहल्ला से पंखे का जुलूस निकाला गया।
दुआओं का दौर देर रात तक चला
कर्बला पहुंचे ताजियों को दफनाया गया। कर्बला में पहुंची महिलाओं ने चिराग जलाकर मन्नतें मांगी। दुआएं मांगने के बाद मिट्टी की कटोरियों मेें खीर रखी गई। दुआ मांगने का दौर देर रात तक जारी रहा।
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हरे लिबास में अजादारों की जुबान पर या हुसैन ...
- खानकाह-ए-नियाजिया का जुलूस जौहर की नमाज के बाद निकला
मुरादाबाद। कमेटी शैदाये-पंजतन ने काशानये नियाजिया जिया मंजिल फैजगंज से खानकाह-ए-नियाजिया के खलीफा हजरत सय्यद सलमान मियां नियाजी साहब की कयादत में एक ताजियती जुलूस निकाला। जौहर की नमाज के बाद निकाले गए जुलूस में शामिल हजरात ने हरे रंग की टोपी व कपड़े पहने थे। हाथों में अलम मुबारक थे और आंखों में नमी थी। अजादारों की जुबान पर था या हुसैन.. या हुसैन।
शहर की सभी दरगाह शरीफ के सज्जादा नशीनों ने शिरकत फरमाई। यह जुलूस सैयद सलमान मियां की कयादत में राजकीय इंटर कॉलेज से होता हुआ सूफी जी की दरगाह शरीफ पहुंचा। जुलूस में शामिल अजादारों को शरबत पिलाया गया। इसके बाद जुलूस जामा मस्जिद चौराहा होकर प्रिंस रोड पर हाफिज की पुलिया पहुंचा। कर्बला पहुंचने के बाद लंगर भी तकसीम हुआ। यहां हजरत सलमान मियां, अम्मार मियां, सैयद जमील मियां, इमरान मियां, फैजी मियां, तकी हसन आदि हजरात मौजूद थे।
चप्पे-चप्पे पर पुलिस, रही चाक चौबंद व्यवस्था
मुरादाबाद। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था थी। एसएसबी को तैनात रखा गया था। दस सराय की तरफ से आने वाले जुलूसों की वजह से डबल फाटक पर जाम लगता था। इस दफा नीचे के रास्तों को बंद करके वाहनों को पुल के ऊपर से गुजारा गया। इससे जुलूसों को निकलने में सहूलियत हो गई।
सीसी कैमरों से लगातार रही मॉनीटरिंग
जुलूसों की निगरानी के लिए कर्बला में सीसी कैमरा से मॉनीटरिंग स्टेशन बनाया गया था। पुलिस यहां से लगातार जुलूसों और गतिविधियों पर निगरानी करती रही। आला अफसरों को भी हर गतिविधियों की जानकारी लगातार मुहैया कराई जाती रही।
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