भारतीय क्रिकेट के तेज गेंदबाज और अमरोहा के सहसपुर अलीनगर निवासी मोहम्मद शमी ने रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी से मुलाकात की है। उसके बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सियासत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। शमी के 2027 के विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पदार्पण को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से क्रिकेटर मोहम्मद शमी की मुलाकात ने अमरोहा में सियासी हलचल बढ़ा दी है। इस मुलाकात की तस्वीर जयंत चौधरी ने फेसबुक पर पोस्ट की है। इसके बाद सियासी पिच पर तेज गेंदबाज शमी के बाउंसर फेंकने के कयास शुरू हो गए हैं। उनके राजनीति में उतरने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से अमरोहा के सहसपुर अलीनगर के रहने वाले क्रिकेटर मोहम्मद शमी या उनके परिवार के किसी सदस्य के सियासत में उतरने की चर्चाएं चल रही हैं।
रविवार को दिल्ली में मोहम्मद शमी ने रालोद प्रमुख जयंत चौधरी से मुलाकात करके इस चर्चा को और हवा दे दी है। इससे अमरोहा ही नहीं बल्कि मंडल की सियासत में हलचल तेज हो गई है। जयंत चौधरी ने फेसबुक पर तस्वीर साझा करते हुए मोहम्मद शमी जैसे महान क्रिकेटर से मिलना एक सुखद अनुभव बताया है।
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दूसरी ओर टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी करीब 17 महीने से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर हैं। उन्होंने आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच नौ मार्च 2025 को चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था।
इंग्लैंड और श्रीलंका दौरे पर भी उन्हें टीम में जगह नहीं मिली। ऐसे में जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद उनके सियासत में उतरने की चर्चाओं को और बल मिला है। फिलहाल क्रिकेटर शमी के चुनाव लड़ने के सवाल पर उनके परिवार और रालोद के नेताओं ने चुप्पी साध रखी है।
रालोद के अमरोहा जिलाध्यक्ष सचिन चौधरी ने बताया कि क्रिकेटर मोहम्मद शमी की राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी से मुलाकात किस उद्देश्य से हुई है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
भाजपा ढूंढ रही है महबूब अली की काट, शमी बन सकते हैं विकल्प
क्रिकेटर मोहम्मद शमी तुर्क बिरादरी से आते हैं। अमरोहा विधानसभा क्षेत्र में तुर्क बिरादरी का खासा दबदबा है। जोया इलाके को तुर्किस्तान कहा जाता है। ऐसे में अमरोहा सीट से वह सपा विधायक महबूब अली का काट हो सकते हैं। मोहम्मद शमी भाजपा गठबंधन के लिए विकल्प बन सकते हैं। इसका फायदा एनडीए को मंडल की दूसरी सीटों पर भी मिल सकता है।
परिवार से दूसरे सदस्य के मैदान में उतरने की भी चर्चा
अमरोहा के सियासी गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अगर मोहम्मद शमी राजनीति में नहीं आते हैं तो उनके परिवार के किसी सदस्य को चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। उनके बड़े भाई हसीब का नाम पहले भी अमरोहा से चुनाव लड़ने की चर्चाओं में सामने आ चुका है।