मुरादाबाद में मॉक ड्रिल
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बुधवार रात 8:05 बजे ब्लैक आउट होगा। गृह मंत्रालय के आदेश पर मॉक डि्रल को लेकर पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में तैयारियां की थी। जिले में थाने, चौकी और सार्वजनिक स्थानों पर 100 जगह पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगा गया। सुबह साढ़े नौ बजे पब्लिक एड्रेस सिस्टम से सायरन बज उठा।
एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल में हवाई हमले की चेतावनी, ब्लैक आउट, निकासी और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने जैसे अभ्यास करवाए गए। डीएम अनुज सिंह ने बताया कि ब्लैक आउट की अवधि में विभिन्न शासकीय भवनों, निजी प्रतिष्ठानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर लगी स्क्रीन, होर्डिंग, साइन बोर्ड को बंद रखे जाएंगे।
आबादी क्षेत्र की कोई पहचान हवाई साधन से न की जा सके। उन्होंने कहा कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आबादी क्षेत्रों में इस बात की सजगता फैलाना है कि भविष्य में किसी हवाई हमले की स्थिति में उन्हें किस प्रकार से व्यवहार करना है।
उन्होंने कहा कि ब्लैक आउट की अवधि में यदि कोई निजी वाहन से नगरीय क्षेत्र में यात्रा कर रहा है तो उसे गाड़ी किनारे रोककर हेडलाइट बंद करनी होगी। साथ ही दोबारा सायरन बजने तक का इंतजार करना होगा। ब्लैक आउट अवधि में रेल संचालन और राष्ट्रीय राजमार्ग पर चलने वाले यातायात को नहीं रोका जाएगा।
हसनपुर में छात्रों को जानकारी देते सीओ
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हसनपुर: छात्र-छात्राओं को बताया सुरक्षित रहने का तरीका
हसनपुर के श्रीमती सुखदेवी इंटर कॉलेज में बुधवार को विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं को युद्ध की संभावित परिस्थितियों और उनसे बचाव के तरीकों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सीओ दीप कुमार पंत ने छात्रों को युद्धकाल में अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उपायों से अवगत कराया। सीओ ने बताया कि अप्रत्याशित युद्ध की स्थिति में घबराने की बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना आवश्यक है।
उन्होंने उन्हें सुरक्षित स्थानों की पहचान करने, आवश्यक वस्तुओं का भंडारण करने और अफवाहों से बचने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने यह भी समझाया कि यदि हवाई हमले या बमबारी की आशंका हो तो कैसे सुरक्षित तरीके से जमीन पर लेटकर या किसी मजबूत ढांचे की आड़ लेकर अपनी जान बचाई जा सकती है। मॉक ड्रिल में छात्रों को प्राथमिक चिकित्सा के बुनियादी सिद्धांतों के बारे में भी बताया गया, ताकि घायल होने की स्थिति में स्वयं या दूसरों की मदद कर सकें।
उन्हें पट्टी बांधने, रक्तस्राव रोकने और अन्य तात्कालिक उपचारों के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक वरुण कुमार ने बताया कि ऐसे अभ्यास छात्रों को न केवल संभावित खतरों के प्रति जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें विपरीत परिस्थितियों का सामना करने के लिए मानसिक रूप से भी तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि यह मॉक ड्रिल छात्रों के समग्र विकास और सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छात्रों ने भी इस अभ्यास में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
रामपुर के डीएमए में मॉक ड्रिल, छात्रों को बताए गए बचाब के उपाय
रामपुर में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बुधवार को शहर के दयावती मोदी अकादमी में मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें फायर ब्रिगेड कर्मियों ने बच्चों को आपात स्थिति में बचाव के तरीके बताएं। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार डीएम जोगिंदर सिंह और एसपी विद्यासागर मिश्रा की मौजूदगी में मॉक ड्रिल कराई गई। इस दौरान फायर ब्रिगेड कर्मियों ने बिल्डिंग में फंसे बच्चों को बाहर निकलने का तरीका भी बताया। इसके अलावा आपात स्थिति में अपनी और दूसरों की जान बचाने के तरीके से बताए गए।
अमरोहा: आपातकाल से निपटने के लिए किया जागरूक
अमरोहा जिले के स्कूलों, कॉलोनियों, फैक्ट्रियों समेत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य नागरिकों को यह समझाना है कि किसी भी आपदा या संकट की घड़ी में कैसे सुरक्षित रहा जाए और कौन-सी जगह शरण लेने के लिए उपयुक्त होती है।
प्रशासन की ओर से मॉक ड्रिल के माध्यम से नागरिकों को रेस्क्यू प्रक्रिया, सुरक्षित स्थानों की पहचान, आपातकालीन नंबरों की जानकारी और प्राथमिक उपचार के तौरतरीकों को सिखाया जा रहा है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वह घबराएं नहीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि यह मॉक ड्रिल पूर्व नियोजित है और इसका उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना है। यह ड्रिल एनडीआरएफ, पुलिस, दमकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा कराई जा रही है।