कहावत है कि कुआं प्यासे के पास नहीं जाता, प्यासे को ही कुएं के पास जाना पड़ता है। लेकिन नगर निगम ऐसा इंतजाम कर रहा है कि कुआं प्यासे के पास जाएगा। निगम का जलकल विभाग मोबाइल प्याऊ संचालित करेगा। प्यासों को सूखा पानी न मिले इसके लिए बताशे और गुड़ का भी इंतजाम किया जाएगा।
सोमवार से शहर में यह मोबाइल प्याऊ नजर आने लगेंगे। नगर निगम के जलकल विभाग ने शहर में चार स्थानों पर अस्थायी प्याऊ भी खोले हैं। कांठ रोड में मधुबनी नलकूप, बंगला गांव वाले रास्ते के नलकूप, जलकल संस्थान पीली कोठी एवं गुलाबबाड़ी नलकूप में मटके रखवाए गए हैं। नलकूप आपरेटरों को ही लोगों को पानी पिलाने की जिम्मेदारी दी गई है। सभी जगहों पर बताशे रखवाए गए हैं ताकि पानी पीने से पहले कुछ मीठा खाकर लोग पानी पी सकें।
महाप्रबंधक जलकल एसके वर्मा ने बताया कि सोमवार से एक वाहन में चार मटके रखवाकर मोबाइल प्याऊ भी शुरू कर दिया जाएगा। कुछ यूज एंड थ्रो गिलास भी रखवाए जाएंगे ताकि जो लोग कांच के गिलास में पानी पीने से परहेज करते हैं वह उन गिलासों में पानी पी सकें। शनिवार को जलकल संस्थान के प्याऊ का उद्घाटन करने के बाद नगर आयुक्त एसके सिंह ने निर्माण अनुभाग के अधिशासी अभियंता रमाकांत से भी शहर में मटके रखवाकर प्याऊ खुलवाने का निर्देश दिया।