भूडे के चौराहे पर प्रदर्शन करते जिलाध्यक्ष व देहात विधायक
मुरादाबाद। कृषि कानूनों के विरोध में किसानों के भारत बंद का समर्थन कर रहे सपाइयों को पुलिस ने सड़क पर नहीं निकलने दिया। देहात विधायक को नजरबंद कर दिया गया। उनका कैंप कार्यालय छावनी में तब्दील रहा। जिसे लेकर सपाइयों और पुलिस में जमकर नोकझोंक हुई। स्थिति हंगामे जैसी बनी रही। कार्यकर्ताओं ने प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं शाम तक पुलिस प्रशासन की टीम घेराबंदी में लगी रही।
कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में सपा खुलकर सामने आ गई है। सोमवार को पुलिस प्रशासन ने किसान यात्रा निकालने से सपाइयों को रोक दिया था। दूसरे दिन मंगलवार को किसानों केभारत बंद के समर्थन में सपाइयों को पुलिस प्रशासन ने सड़कों पर उतरने से रोक दिया। सपाई रामपुर दोराहे पर जाम लगाना चाहते थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने ऐसा नहीं करने दिया। देहात विधायक हाजी इकराम कुरैशी को उनके कैंप कार्यालय में शाम तक नजरबंद रखा गया। उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया गया। जिसे लेकर कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एडीएम सिटी और एडीएम फाइनेंस पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। विधायक हाजी इकराम कुरैशी ने कहा कि पुलिस ने कार्यकर्ताओं को आने से रोक दिया। विरोध जताना क्या कोई गुनाह है। इस दौरान जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव, जुगल किशोर वाल्मीकि, नरेश कुमार शर्मा, उबैद इकराम, सुरेंद्र शर्मा, कामिल मंसूरी, जुबैर असद, समीर शर्मा, गजेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।