देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर किए गए आरोपी छात्र मुजस्सम गनी को रविवार दोपहर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। जबकि एमआईटी प्रशासन ने बवाल और फायरिंग करने वालों के खिलाफ केस दर्ज कराया है। वहीं दूसरी ओर कश्मीरी छात्र की तलाश में पुलिस ने नवीन नगर स्थित उसके कमरे पर दबिश दी लेकिन वह नहीं मिला।
सीओ सिविल लाइंस राजेश कुमार सिंह ने बताया कि रामगंगा विहार स्थित एमआईटी के छात्र मुजस्सम गनी और कश्मीरी छात्र रफी फारूख ने व्हाट्सएप स्टेटस पर पाकिस्तान जिंदाबाद लिख लिया था। जिसे पढ़ने के बाद छात्रों में गुस्सा भड़क गया था। शनिवार दोपहर एमआईटी के कुछ छात्रों ने इसकी जानकारी भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं को दे दी थी। शनिवार दोपहर काफी संख्या में युवक कॉलेज में पहुंच गए थे। उन्होंने वहां हंगामा और पीलीकोठी चौराहे पर जाम लगा दिया था।
इसके बाद सिविल लाइंस थाने में मुजस्सम गनी निवासी उमरी सब्जीपुर थाना पाकबड़ा और कश्मीर के अनंतनाग निवासी छात्र रफी फारूख के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस ने मुजस्सम गनी को गिरफ्तार कर लिया था। रविवार दोपहर बाद पुलिस ने आरोपी छात्र को कड़ी सुरक्षा में अदालत में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इससे पहले पुलिस ने आरोपी छात्र से एटीएस और खुफिया एजेंसियों ने भी पूछताछ की।
सीओ सिविल लाइंस ने बताया कि एमआईटी प्रशासन की ओर से भी केस दर्ज किया गया है। एमआईटी के कुलसचिव एसएन शुक्ला की तहरीर पर मारपीट, बवाल, फायरिंग करना और सात क्रिमिनल एक्ट में केस दर्ज कराया गया है। जिसमें कहा है कि शनिवार दोपहर कुछ लोग कॉलेज में घुसे और छात्रों को ढूंढने लगे। विरोध करने पर मारपीट और फायरिंग भी की गई।