एमआईटी के वार्षिकोत्सव ‘उत्कर्ष’ में विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर समा बांध दिया। मस्ती के जबरदस्त डोज पर विद्यार्थी देर रात तक झूमते रहे। कार्यक्रम को संस्थान के अब तक के सर्वश्रेष्ठ समारोह में तब्दील कर दिया।
वार्षिकोत्सव का शुभारंभ मुख्य अतिथि मंडलायुक्त सुभाषचंद्र शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में डीएम जुहैर बिन सगीर और सचिव एमडीए जेबी यादव उपस्थित रहे। एमआईटी प्रबंधन के पूर्व चेयरमैन अरविंद गोयल ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सफलता और असफलता एक ही सिक्के के दो पहलु हैं।
इसलिए सफलता पर घमंड नहीं करना चाहिए और असफलता पर निराश न हों। छात्रों से चंद्रगुप्त और सिकंदर जैसी महान शख्सियत बनने का आह्वान किया। इसके बाद कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों से भारत माता की जय के नारे लगवाए। सचिव वाईपी गुप्ता ने सभी का स्वागत किया। इसके बाद रंगारंग कार्यक्रम की श्रंखला शुरू हुई।
जिसमें सरस्वती वंदना, म्यूजिकल बैंड, गणपति आराधना, बालीवुड डांस, लोक नृत्य, सेमी क्लासिक ग्रुप डांस, नाटक, सिंफनी द म्यूजिकल रहे। देश भक्ति नाटिका पर कारगिल शहीदों के चित्र दिखाए गए तो पूरा परिसर भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा।
समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। संचालन मुनीश छाबड़ा ने किया। चेयरमैन नीरज अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, आदर्श अग्रवाल, सुधीर गुप्ता, प्रो. आरबी सक्सेना, प्रो. ए. घोष डा. विजेंद्र सिंह, डा. डी. मुखर्जी, डा. पंकज शर्मा आदि मौजूद रहे।