स्वच्छ भारत मिशन शहरी के तहत नगर पालिका ने लाभार्थियों को धन जारी कर दिया, लेकिन इसके बाद भी 48 लोगों ने शौचालयों का निर्माण नहीं कराया। इसको लेकर पहले नोटिस जारी किया गया। नोटिस के बाद भी शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ, जिस पर अब सभी के खिलाफ अलग अलग थानों में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है।
केंद्र सरकार की ओर से स्वच्छता को लेकर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। गरीबों के शौचालयों का निर्माण भी सरकार की ओर से किया जा रहा है। इसके तहत रामपुर नगर पालिका परिषद को 758 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 688 लोगों ने आवेदन किया था। इस पर पालिका की ओर से सभी लाभार्थियों को शौचालयों की पहली किस्त भी जारी कर दी गई।
सभी लाभार्थियों के खाते में चार-चार हजार रुपये भेज दिए गए थे, जिनमें से 48 लोगों ने अपने शौचालयों का निर्माण नहीं किया था। इस पर पालिका ने सभी लाभार्थियों को नोटिस भी जारी किया, लेकिन इसके बाद भी शौचालयों का निर्माण नहीं हो सका। ऐसे में सोमवार को सभी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। इसमें सरकारी धन का गबन करने समेत कई आरोप लगाए गए हैं। खाद्य एवं सफाई निरीक्षक सुरजीत सिंह ने बताया कि लाभार्थियों ने सरकारी धन का गबन कर लिया, जिसके बाद रिपोर्ट दर्ज करा दी है।