अदालत ने अपनी 15 वर्षीया बेटी के बलात्कार के मामले में एक पिता को दोषी करार दिया है। एडीजे अनीताराज ने आरोपी पिता को 14 वर्ष के सश्रम कारावास और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। दोषी पिता मुरादाबाद के थाना डिलारी क्षेत्र के गांव का रहने वाला है।
अली बख्श पुत्र इमाम बख्श की बेटी ने आरोप लगाया था कि 19 जून 2013 को उसकी मां घर से बाहर गई थी तब पिता ने उसे कमरे में बंद कर उसके साथ बलात्कार किया। उसने अपने चाचा रजब अली और चाची महताब जहां को घटना की जानकारी दी। उन दोनों के साथ जाकर थाने में 21 जून 2013 को पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
नाबालिग का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। जिसमें बलात्कार की पुष्टि हुई। एडीजे आठ अनीता राज की अदालत में राज्य की ओर से एडीजीसी महीपाल सिंह ने पक्ष रखा। शुक्रवार को इस मामले में साक्ष्यों के आधार पर अली बख्श को दोषी करार देते हुए अदालत ने बलात्कार, गर्भपात और पाक्सो की धाराओं में 14 वर्ष की सजा सुनाई। आरोपी पिता पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
दो बार कराया बेटी का गर्भपात
पीड़िता ने अदालत में अपने बयान में कहा कि पिता एक वर्ष तक उसका शोषण करता रहा। कई बार उसके साथ बलात्कार किया। जब मां घर से बाहर जाती थी तो डरा-धमकाकर उसके साथ बलात्कार करता था। मेडिकल जांच में साफ हुआ कि बलात्कार के साथ ही बेटी को गर्भ निरोधक गोलियां भी खिलाई थीं। दो बार उसका गर्भपात कराया गया।