अमरोहा। करीब दो महीने से पर्दे के पीछे चल रही जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पाने और बचाने की लड़ाई अब खुलकर जनता के सामने आ गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता चौधरी ने सदर विधायक और लोक लेखा समिति के सभापति महबूब अली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला पंचायत कार्यालय में पति भूपेंद्र चौधरी के साथ प्रेसवार्ता कर महबूब अली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर वे शौकत पाशा और जगमोहन खड़गवंशी हत्याकांड की जांच का अनुरोध करेंगे। अगर उनके और सदस्यों के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए महबूब अली जिम्मेदार होंगे।
चौधरी ने कहा चर्चा है कि अविश्वास आ सकता है। हमारे पास 18 सदस्य पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं। अगर किसी के पास संख्या बल है तो वह डीएम के यहां जाकर अविश्वास पेश करे। वह सामने क्यों नहीं आते। दोनों ने महबूब अली और उनके परिवार पर जिला पंचायत सदस्यों को धमकाने का आरोप लगाया है। वहीं अपने ऊपर लगे आरोपों के सवाल पर विधायक महबूब अली खुद को मीटिंग में होना बताकर कन्नी काट गए।
चौधरी दंपती को अविश्वास की पीड़ा है। अगर उनके पास सदस्य पूरे हैं तो उन्हें पत्रकारों से सामने लाना चाहिए था। डेढ़ साल से महबूब अली पर क्यों आरोप नहीं लगाए। वह महबूब अली का नाम लेकर मामले को दूसरा रूप देना चाहते हैं। जिला पंचायत के लिए मैं लड़ रहा हूं, उन्हें मेरी आलोचना करनी चाहिए थी। वह सत्ता का दुरुपयोग कर सदस्यों पर मुकदमा लिखवा रहे हैं। उन्हें दवाब में लिया जा रहा है। यह लोकतंत्र की हत्या है।
- सरबजीत सिंह, पति, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रेनू चौधरी