मुरादाबाद। खाद्य, रसद तथा नागरिक आपूर्ति राज्यमंत्री रणवेंद्र प्रताप सिंह उर्फ धुन्नी सिंह से कोटेदारों की मनमानी छिप नहीं पाई। डिलारी से लौटते समय वह शहर के मुहल्ला रहमत नगर स्थित कोटे की दुकान का निरीक्षण करने पहुंचे तो वह बंद मिली। डीएसओ ने कोटेदार गुलजार अहमद को फोन किया तो उसका फोन बंद मिला। इस पर मंत्री के निर्देश पर कोटेदार की दुकान का ताला तोड़ा गया और स्टाक चेक कर रिकार्ड में लिया गया। इसके बाद दुकान सील कर दी गई। इससे पहले सुबह उन्होंने सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक लेकर विभागवार कार्यों की समीक्षा की। राज्यमंत्री ने डिलारी क्षेत्र के एक गेहूं क्रय केंद्र और एक कोटे की दुकान की भी औचक निरीक्षण किया।
सर्किट हाउस में सुबह विभागीय अधिकारियों की बैठक के दौरान राज्यमंत्री का जोर गेहूं खरीद बढ़ाने और खाद्यान्न वितरण में किसी तरह की कोई अनियमितता न बरते जाने पर रहा। गेहूं खरीद की समीक्षा करते हुए राज्यमंत्री ने पाया कि जिले में लक्ष्य का मात्र 51 प्रतिशत ही गेहूं खरीद हो सका है। इस पर उन्होंने असंतोष जताते हुए डिप्टी आरएमओ व आरएफसी को खरीद बढ़ाने और आवश्यकता पड़ने पर किसानों के घर जाकर भी गेहूं खरीद कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने खराब क्वालिटी वाले गेहूं पर सरकार द्वारा दी गई छूट का प्रचार, प्रसार कर किसानों को अवगत कराने को कहा। आपूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि कोटेदारों द्वारा कम राशन देने की शिकायतें मिल रही हैं। इस स्थिति को दुरुस्त किया जाए। किसी कीमत पर किसी लाभार्थी को कम खाद्यान्न नहीं मिलना चाहिए। जो कोटेदार ऐसा करते मिलें उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाए। राशन न बांटने अथवा कम बांटने पर सप्लाई इंस्पेक्टर भी जिम्मेदार होंगे। सप्लाई इंस्पेक्टरों को नियमित राशन की दुकान चेक करने के भी निर्देश दिए। इसके बाद राज्यमंत्री ने डिलारी क्षेत्र में स्थित नैफेड के एक गेहूं खरीद केंद्र का कोटे की दुकान का भी औचक निरीक्षण किया। जहां स्थिति संतोषजनक पाई गई। समीक्षा बैठक में आरएफसी मनोज कुमार, आरएमओ दिनेश कुमार, डीएसओ संजीव सिंह, डीप्टी आरएमओ संजीव कुमार राय के अलावा सभी गेहूं खरीद एजेंसियों के जिला स्तरीय अधिकारी, पूर्ति निरीक्षक आदि भी मौजूद रहे।
... तो विभागीय मंत्री का भी खौफ नहीं कोटेदारों को
मुरादाबाद। एक जून से 11 जून तक खाद्यान्न वितरण के लिए दुकानें खोले रखने के आदेश विभागीय अधिकारियों द्वारा कोटेदारों को दिए गए थे, लेकिन कई स्थानों पर एक दिन दुकान खोल कर खाद्यान्न बांटने के बाद दूसरे दिन बंद कर देने की शिकायतें मिलीं थीं। विभागीय मंत्री के भ्रमण कार्यक्रम के मद्देनजर उनके औचक निरीक्षण कार्यक्रम को भी देखते हुए सभी कोटेदारों से दुकानें खोले रखने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बाद भी रहमतगर के कोटेदार गुलजार ने न सिर्फ अपनी दुकान बंद रखी बल्कि स्वयं भी वह मौके पर मौजूद नहीं रहा। डीएसओ ने बताया कि उसकी दुकान का ताला तोड़ कर स्टाक दर्ज कर लिया गया है। दुकान सील कर दी गई है।