बिलारी (मुरादाबाद)। गांव गदीपुर के जंगल में रविवार की रात अवैध खनन की सूचना पर पहुंचे तहसीलदार की गाड़ी को देखकर खनन माफिया जेसीबी लेकर भाग गए। राजस्व टीम की जांच में 7130 घनमीटर मिट्टी का अवैध खनन पाया गया है। राजस्व विभाग ने रिपोर्ट दर्ज के लिए कुंदरकी थाने में तहरीर दी है।
तहसीलदार अंकित गिरी ने बताया कि रविवार रात करीब 10 बजे मुखबिर से सूचना मिली कि गदीपुर के जंगल में अवैध खनन हो रहा है। वह मौके पर पहुंचे तो उससे पहले ही खनन माफिया भाग गए। बताया कि उनके आने के बाद माफिया ने देर रात करीब तीन बजे फिर से अवैध खनन शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही वह फिर मौके पर पहुंचे, लेकिन खनन माफिया गाड़ी की लाइटें देखकर जेसीबी व डंपर लेकर भाग निकले। मौके पर चकरोड के निकट खेत में अवैध खनन होना पाया गया।
एसडीएम विनय कुमार सिंह ने बताया कि राजस्व निरीक्षक अकबर अली और लेखपाल अंकुल सिंह से जांच कराई तो एक किसान के खेत में 7130 घन मीटर मिट्टी का अवैध खनन पाया गया। खेत स्वामी और अवैध खनन करने वालों के खिलाफ गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने को उनके आदेश पर राजस्व निरीक्षक ने थाना कुंदरकी पुलिस को तहरीर दे दी है।
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अवैध खनन रोकने को पहले ही बना दी थीं तीन टीमें
बिलारी। तहसील बिलारी क्षेत्र में बारिश रुकते ही देहात इलाके में अवैध खनन होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। अवैध खनन रोकने के लिए डीएम के निर्देश पर एसडीएम बिलारी विनय कुमार सिंह ने बिलारी तहसील क्षेत्र में अवैध खनन रोकने के लिए कई दिन पहले तीन टीमें गठित कर दी थीं। एसडीएम की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि सुबह छह बजे से पहले और शाम को छह बजे के बाद किया जाने वाला कोई भी खनन अवैध खनन कारोबार की श्रेणी में आएगा। सख्त आदेशों के बावजूद रविवार रात को गदीपुर के जंगल में अवैध खनन कर दिया गया।
खनन विभाग और प्रदूषण विभाग भी करेगा कार्रवाई
बिलारी। राजस्व टीम की जांच में गदीपुर के जंगल में रविवार रात अवैध खनन का जो मामला पकड़ में आया है इन सभी आरोपियों के खिलाफ खनन विभाग और प्रदूषण विभाग भी कार्रवाई करेगा। एसडीएम विनय कुमार सिंह ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ अलग से कार्रवाई करने के लिए खनन विभाग और प्रदूषण विभाग को भी रिपोर्ट बनाकर भेज दी गई है।
रात में अधिकारियों के वाहनों की रेकी कर रहे अवैध खनन कारोबारी
बिलारी। स्थानीय तहसील प्रशासन से पता चला है कि अवैध खनन करोबारी रात को तहसील अधिकारियों के वाहनों की रेकी करते हैं। ऐसे कारोबारियों के कुछ सहयोगी अपने वाहन लेकर रात में तहसील कार्यालय के आसपास खड़े हो जाते हैं। रात को जैसे ही कोई तहसील अधिकारी अवैध खनन रोकने के लिए अपने वाहन से किसी इलाके में जाने का निकलता है तभी कारोबारियों के सहयोगी अपने वाहनों से सरकारी वाहन का पीछा करते हुए एक दूसरे को लोकेशन बताते रहते हैं। एसडीएम के बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिए बीते तीन दिन से रात में तहसील कार्यालय के आसपास खड़े होने वाले निजी वाहनों की पहचान कराई जा रही है।