फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड, दिल्ली में बाढ़, मुरादाबाद में सूखा

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। कुदरत की लीला भी अनूठी है। मुरादाबाद के सीमावर्ती उत्तराखंड के इलाके अतिवृष्टि और बाढ़ से पीड़ित हैं। दिल्ली में बाढ़ का खतरा सिर पर है। लेकिन मौजूदा मानसून सीजन में बेहद कम बारिश होने की वजह से मुरादाबाद मंडल जबरदस्त सूखे की चपेट में है। सबसे कम बारिश गंगा के किनारे बसे अमरोहा जिले में हुई है। अब तक अमरोहा सामान्य से 60 फीसदी कम बारिश हुई है।
विज्ञापन

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक मुरादाबाद मंडल में इस मानसून सीजन में सामान्य की अपेक्षा काफी कम बारिश हुई है। अमरोहा जिले में सबसे कम बारिश दर्ज की गई है। सामान्यत: अमरोहा में 1 जून 19 से अब तक 533.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी लेकिन 211.1 मिली मीटर ही बारिश हुई है। इस तरह कुल कमी 60 फीसदी की है। लेकिन पहाड़ों में बारिश की वजह से अमरोहा के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। संभल में सामान्य तौर पर 425 मिली मीटर बारिश होनी चाहिए थी लेकिन अब तक 258.1 मिली लीटर ही बारिश हुई। बारिश की कुल कमी 39 फीसदी दर्ज की गई है। मुरादाबाद में इस सीजन में अब तक 380.7 मिली मीटर बारिश हुई है। सामान्य तौर पर 523.8 मिली लीटर होनी चाहिए। बारिश की कुल कमी 27 फीसदी दर्ज की गई है। मुरादाबाद मंडल में सबसे ज्यादा औसत बारिश बिजनौर में दर्ज की गई है। यहां पर सामान्य 611.2 मिली लीटर के सापेक्ष 598 मिली लीटर बारिश दर्ज की गई जो 2 फीसदी कम है। मंडल में कम बारिश के बावजूद पहाड़ों में हो रही भीषण बारिश की वजह से यहां रामगंगा, कोसी और गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है। बांधों से भी लगातार पानी छोड़ा जा रहा है जिससे मंडल के सभी जिलों के कई गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें