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Moradabad News: जीआईसी के मैदान में पांच करोड़ रुपये से बनेगा मिनी स्टेडियम

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मुरादाबाद। राजकीय इंटर कॉलेज के मैदान को उसके पुराने स्वरूप में लाने के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग व खेल विभाग जुट गए हैं। यहां मिनी स्टेडियम बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। पांच करोड़ रुपये की लागत से मैदान की सूरत बदलकर यहां हॉकी, क्रिकेट, फुटबाल के लिए मैदान बनाया जाएगा।
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इसके अलावा इनडोर गेम्स जैसे बैडमिंटन, शतरंज, टेबिल टेनिस, कुश्ती आदि खेलों के लिए भी स्थान निर्धारित करने की तैयारी है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसकी पहल की है। खेल विभाग के अधिकारी भी समन्वय कर रहे हैं। शहर में खेल सुविधाओं के विस्तार के लिए दो साल में खेल विभाग व जिला प्रशासन स्थान नहीं तलाश पाए। सोनकपुर स्टेडियम में जगह कम होने के कारण एक अलग मिनी स्टेडियम शहर की मांग बन चुका है। ऐसे में जीआईसी मैदान में इसका निर्माण होने से न सिर्फ स्कूलों में खेलों का बेहतर माहौल मिलेगा, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों की जरूरत भी पूरी होगी। कटघर, फैजगंज, नागफली, मुगलपुरा, गलशहीद आदि क्षेत्रों में रहने वाले खिलाड़ियों को आठ किलोमीटर दूर रामगंगा विहार में सोनकपुर स्टेडियम नहीं आना पड़ेगा। जीआईसी के मैदान पर दोनों विभागों के अधिकारी व इंजीनियर मुआयना कर चुके हैं।

कंक्रीट के मैदान से निकले हैं सितारे, अब बनेगा एस्ट्रोटर्फ
जीआईसी का मैदान हॉकी के खिलाड़ियों का गढ़ रहा है। पिछले कई दशकों से यहां कंक्रीट भरे मैदान पर जिला हॉकी संघ खिलाड़ियों को तैयार कर रहा है। मो. फराज खां इसी मैदान से निकलकर जूनियर इंडिया हॉकी टीम तक पहुंचे। आज वह ओलंपिक 2028 के कोर ग्रुप में शामिल हैं और तैयारी कर रहे हैं। जिला हॉकी संघ के सचिन इकबाल खां के मुताबिक 10 से ज्यादा खिलाड़ी प्रदेश के विभिन्न खेल छात्रावासों में प्रशिक्षण ले रहे हैं। कई खिलाड़ी यहां से सीखकर सरकारी विभागों में नौकरी पा चुके हैं। ऐसे में जीआईसी मैदान में हॉकी के लिए एस्ट्रोटर्फ बनने से खिलाड़ियों काे फायदा होगा।
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जीआईसी के मैदान का क्षेत्रफल लगभग 8000 वर्ग मीटर है। यहां हॉकी व फुटबाल के लिए विशेष प्रबंध किए जाने हैं। इंजीनियर मुआयना कर चुके हैं, प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। जल्द शासन को भेज दिया जाएगा।
- श्यामा कुमार, प्रधानाचार्य जीआईसी

पांच करोड़ रुपये का बजट कम है। इसे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। मिनी स्टेडियम बनने से खिलाड़ियों को काफी फायदा होगा। फुटबाल व हॉकी के लिए अलग मैदान मिल जाएगा।
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- नरेश चंद यादव, आरएसओ
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