नाबालिग के साथ बलात्कार करने के मामले में अदालत ने एक अभियुक्त को चौदह साल कैद की सजा सुनाई है। इस करतूत में उसकी मदद करने वाले को भी अदालत ने सात साल जेल की सजा सुनाई है। अदालत ने बलात्कारी पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि से 35 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर पीड़िता को देने के आदेश अदालत ने दिए हैं।
मोबीन पुत्र यासीन निवासी मुख्तयारपुर थाना कांठ पर आरोप था कि 14 दिसंबर 2009 को थाना क्षेत्र के ही निवासी एक व्यक्ति की 13 वर्ष की बेटी को वह बहला फुसलाकर ले गया था। उसके साथ बलात्कार किया गया था। काफी ढूंढने के बाद जब नाबालिग घर वालों को मिली तो उसने पूरा प्रकरण बताया।
पिता की तहरीर पर थाना कांठ में मुकदमा दर्ज किया गया था। पूरे प्रकरण में उसका साथी आसिम पुत्र इकरामुद्दीन निवासी वेगराजपुर थाना नहटौर बिजनौर भी लिप्त था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। शुकव्रार को एफटीसी प्रथम में मामले की सुनवाई हुई।
संयुक्त निदेशक अभियोजन रमेश चंद्र शर्मा ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर नाबालिग के अपहरण में न्यायालय ने आसिम को दोषी करार देते हुए सात साल के कारावास और दस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जबकि बलात्कार का दोषसिद्घ होने पर मोबीन को 14 वर्ष के सश्रम कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।