सुसाइड के कुछ दिन पहले अपने पिता से लिपटकर रोया था।
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मुरादाबाद मंडल में आत्महत्या करने वालों में युवा सबसे अधिक हैं। पिछले चार साल के आंकड़े बता रहे हैं कि आत्महत्या करने वालों में 20 से 35 साल की उम्र के लोगों की संख्या ज्यादा है। मौत को चुनने वाले लोगों में 60 प्रतिशत इसी उम्र के हैं। इनमें महिलाओं के मुकाबले पुरुष अधिक हैं।
मंडल में मुरादाबाद में आंकड़ा ज्यादा
वर्ष आत्महत्या
2020 186
2021 190
2022 205
2023 (अगस्त तक) 153
20 से 35 की उम्र में अधिक आत्महत्याएं
सुसाइड के पहले महिला ने हाथ में नोट लिखा।
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संकेतों को समझिए, कहीं देर न हो जाए
मुरादाबाद के मनोचिकित्सक डॉ. दिशांतर गोयल का कहना है कि आत्महत्या की ओर बढ़ रहे लोगों का रहन सहन, बातचीत और दिनचर्या संकेत दे देती है। ऐसे लोग अचानक बातचीत कम कर देते हैं और अकेले रहने लगते हैं। काउंसिलिंग की जाए तो उन्हें आत्मघाती कदम उठाने से रोका जा सकता है।
प्रेमी-युगल ने किया सुसाइड
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महिलाओं में अवसाद के 22 हजार मामले
पिछले छह माह में जिले में महिलाओं में अवसाद के 22,373 मामले सामने आए हैं। मानसिक रोग विशेषज्ञों की ओपीडी में हर महीने औसतन तीन हजार से ज्यादा अवसाद पीड़ित महिलाएं पहुंच रही हैं। इनमें 40 से अधिक उम्र और अकेले जीवन व्यतीत करने वाली महिलाएं अधिक हैं।
ज्यादातर महिलाओं व उनके परिजनों को यही नहीं पता होता कि वे अवसाद से पीड़ित हैं। सामान्य सिरदर्द से कब यह परेशानी व्यवहार में चिड़चिड़ापन और फिर आत्महत्या के प्रयास तक पहुंच जाती है, पता ही नहीं चलता।
जीते रहो...ताकि जिंदगी जीते
समाज के लिए नासूर बनते जा रहे इसी मर्ज का इलाज ढूंढने के लिए विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर अमर उजाला विशेष अभियान की शुरुआत कर रहा है। इसका मकसद इस मुद्दे पर एक खुली बहस को शुरू करना है। तमाम मंचों पर हर तरह की समस्याओं पर विमर्श होता है।
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लेकिन मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक नई पहल की जरूरत है। अगर आप भी किसी ऐसी समस्या से जूझ रहे हैं तो हमें व्हाट्सएप नंबर 7617566166 पर भेजें। नाम गोपनीय रखते हुए आपको विशेषज्ञ की निशुल्क सलाह उपलब्ध कराई जाएगी।