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वरिष्ठ आईएएस अफसर का ट्रांसफर कराने को मीट माफियाओं ने बिछाया जाल

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मुरादाबाद। मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर वीरेंद्र कुमार सिंह मीट माफिया की नजरों में चुभने लगे हैं। उन्होंने अपने अधीनस्थों और पुलिस पर सख्ती कराकर अवैध रूप से चल रहे मीट कारोबार की कमर तुड़वा दी है। सूत्रों का दावा है कि अब मीट सिंडिकेट को दोबारा खड़ा करने के लिए माफिया अफसर को ही यहां से ट्रांसफर कराने में जुट गए हैं। माफिया चंदाकर जुटाई गई रकम के साथ लखनऊ में डेरा डाल हुए हैं ताकि इस काम को अंजाम दिला सकें।
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मुरादाबाद मंडल में मीट सिंडिकेट का हर माह लगभग 150 करोड़ का धंधा है। पुलिस, प्रशासनिक अफसरों और नेताओं की सरपरस्ती में पनपे इस अवैध गोरखधंधे पर उस वक्त ग्रहण लग गया था जब पंद्रह फरवरी 2020 को वरिष्ठ आईएएस अफसर वीरेंद्र कुमार सिंह ने मुरादाबाद मंडल में कमिश्नर के रूप में कार्य भार संभाला। उन्होंने मुरादाबाद में तैनाती के बाद इस कारोबार के बारे में जानकारियां जुटाईं। इसके बाद पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के साथ मीटिंग कर साफ लहजे में कहा कि अवैध रूप से चल रहे मीट कारोबार, ई कचरा और अन्य अवैध धंधों पर अंकुश लगाया जाए। साथ ही उन्होंने एक माह बाद फिर से समीक्षा करने को कहा। अफसर के इस तेवरों को देखकर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों में खलबली मच गई। इसके बाद मीट कारोबार पर कार्रवाई शुरू की गई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में इस पर कार्रवाई शुरू कर दी गई। पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की। जिसके बाद कारोबार चौपट हो गया। महीनों से इस कारोबार को पनपने का मौका नहीं मिल पाया है। सबसे अहम कारण यह भी है कि गुंडा एक्ट तथा जिला बदर की कई अपीलें आयुक्त ने खारिज कर दीं। ये सभी अपीलें मीट माफिया से जुड़ी बताई जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो करोड़ों का धंधा चौपट होने और अपीलें खारिज होने से माफिया भी बिलबिला रहे हैं। वे अपना सिंडिकेट दोबारा खड़ा करना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी एक गोपनीय मीटिंग की और अफसर का यहां से ट्रांसफर कराने की रणनीति बनाई है। बताया जा रहा है कि माफिया चंदा कर रुपये इकट्ठा कर चुके हैं तथा इनके कुछ साथी लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं। सरकार में अच्छे ओहदे पर मौजूद लोगों के साथ मिलकर इस तबादले का का तानाबाना बुना जा रहा है।
दो आईपीएस अफसरों के तबादले को लगा चुके हैं ताकत
मुरादाबाद। वरिष्ठ आईएएस अफसर की तरह ही मीट माफिया यहां तैनात रह चुके दो दो आईपीएस अफसरों का तबादला कराने के लिए भी ताकत लगा चुके हैं। उन्होंने भी अवैध रूप से चल रहे इस धंधे की कमर तोड़ने का प्रयास किया था। तब भी इस गैंग ने इसी तरह का खेल खेलकर उनके तबादले को पूरी ताकत लगाई थी।
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