मुरादाबाद। कुछ ऑनलाइन कंपनियां आपके मंगाए गए सामान में घटतौली कर रही हैं। बाट माप विभाग के अधिकारियों ने ई कामर्स कंपनियों की 94 कंपनियों की गड़बड़ियां पकड़ी हैं। अनियमितताओं के आरोप में अब तक मंडल में 3299 केस पकड़े गए। जिनसे 6.23 करोड़ रुपये राजस्व वसूला गया। वहीं जिले में पैकेज्ड कमोडिटी एक्ट 2011 (पीसीआर) के तहत इनमें 153 मामलों में 97.5 लाख का जुर्माना वसूला गया है।
बाट माप विभाग के सहायक नियंत्रक राम सुंदर अकेला ने बताया कि ई काॅमर्स की ऑनलाइन की कुछ कंपनियां कम वजन और मात्रा लिखने में हेराफेरी करती है। जांच के दौरान ई काॅमर्स के 94 कंपनियों मामले 2022-23 में पकड़े गए। इनमें कंपनियों के 45 मामले शासन में विचाराधीन है। 50 मामले कोर्ट में चल रहे हैं। विभाग की तरफ से पैरवी की गई है।
बंगलुरू की कंपनी पर तीन लाख का जुर्माना
बाट माप विभाग ने बंगलुरू की फास्टर टेक्नालॉजी प्राइवेट लिमिटेड नीसो डॉट काम के 20 मामलों को पकड़ा है। इन मामलों में पीसीआर एक्ट 2011 के तहत तीन लाख रुपये जुर्माना वसूल किया गया।
मुंबई की कंपनी पर लगा डेढ़ लाख का जुर्माना
क्राफ्ट विला हैंडीक्राफ्ट प्रा. लिमिटेड मुंबई के 10 पैकेट में गड़बड़ियां पकड़ी गईं थीं। कंपनी पर विभाग ने डेढ़ लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अभी जांच जारी है।
नायका और डीयू पर लगा एक एक लाख का जुर्माना लगा
नायका इरिटेस प्रा. लिमिटेड मुंबई और डीयू सल्यूशन के सामान में जिला प्रभारी राजेश कुमार ने अनियमितताएं पकड़ीं गईं। दोनों कंपनियों पर एक-एक लाख का जुर्माना लगाया गया है।
राजस्व लक्ष्य से अधिक की वसूली
सहायक उप नियंत्रण राम सुंदर अकेला ने बताया कि शासन ने मुरादाबाद जोन को पांच करोड़ 68 लाख तीन हजार रुपये निर्धारित किया था। सीमित संसाधन के बावजूद विभाग के अधिकारियों के प्रयास से 2022-23 के वित्तीय वर्ष में छह करोड़ 23 लाख 12 हजार 788 रुपये राजस्व वसूल किया है। जोन स्तर पर 107.69 फीसदी की वसूली लक्ष्य से अधिक हुई है। राजस्व वसूली में सबसे अधिक चार करोड़ 22 लाख रुपये 90918 रुपये सत्यापन और मुद्रांकन से वसूले गए हैं। एक साल में 3299 केस पकड़े गए और 97 लाख 5500 रुपये जुर्माना वसूला गया है।
मुरादाबाद ने एक करोड़ से अधिक राजस्व वसूला
मुरादाबाद जिले के लिए शासन ने 1,13,49018 रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके मुकाबले में जिला प्रभारी राजेश कुमार के प्रयास से 1,18,60856 रुपये राजस्व वसूला गया जो लक्ष्य के अधिक 109 फीसदी है। जिले में 390 मामलों में अनियमितताएं पकड़ी गईं। इन मामलों में 31 लाख 37 हजार रुपये जुर्माना वसूल किए गए।
संभल ने 113 फीसदी राजस्व वसूला
संभल जिले को शासन ने 5483940 रुपये लक्ष्य निर्धारित किया था लेकिन विभाग के अधिकारियों ने लक्ष्य से अधिक 61,80990 रुपये वसूल किया। इनमें 396 मामलों में जांच के दौरान गड़बड़ियां पकड़ी गईं और मौके पर छह लाख 17 हजार जुर्माना वसूला गया।
अमरोहा ने 107 फीसदी वसूल किया
अमरोहा जिले के लिए शासन ने एक करोड़ 99 लाख 269 रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया था। इसके एवज में विभागीय अधिकारियों ने एक करोड़ 17 लाख 20283 रुपये वसूल किया। इस दौरान 612 मामले पकड़े गए। इस दौरान 14 लाख 62 हजार 500 रुपये जुर्माना वसूला गया।
रामपुर जिले ने 106 फीसदी राजस्व वसूला
रामपुर जिले को 1,19,5723 रुपये का लक्ष्य मिला था लेकिन अधिकारियों ने लक्ष्य से 106 फीसदी अधिक राजस्व वसूल किया। रामपुर में 587 मामलों में गड़बड़ियां पकड़ी गईं। इस दौरान 15,29000 रुपये जुर्माना वसूला गया। सबसे अधिक बिजनौर को 1,98,35052 रुपये का लक्ष्य मिला था लेकिन अधिकारियों ने 2,17,49,419 रुपये राजस्व वसूल किया।