मुरादाबाद। करीब डेढ़ दशक पहले एमडीए ने सोनकपुर आवासीय योजना के लिए करोड़ों रुपये खर्च करके दो रूम वाले फ्लैट तैयार किए थे, लेकिन आवंटन से पहले ही योजना मुकदमेबाजी में फंस गई। परिणाम यह है कि आज तक एक भी फ्लैट आवंटित नहीं हो सका और अधिकांश खंडहर में तब्दील हो गए।
कांठ रोड पर प्राइम लोकेशन पर बने 100 से अधिक फ्लैट करीब 112-112 वर्ग मीटर के बनाए गए थे, जिसमें दो कमरे, एक बैठक, आंगन, किचन, शौचालय, बाथरूम और स्टोर रूम हैं। यहां पर आवासों की कीमत 14 लाख रुपये तक थी। यहां मिले पड़ोसी कॉलोनी प्रधानमंत्री आवास योजना निवासी सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि शुरुआती दौर में इन फ्लैटों की कीमत ज्यादा थी।
जिसके कारण लोग इन्हें खरीद नहीं सके। बाद में किसान भी उचित मुआवजा नहीं देने आदि को लेकर कोर्ट में चले गए। इसके बाद एमडीए ने इस योजना का रखरखाव ही नहीं किया। न ही कभी इन फ्लैट्स की मरम्मत कराई। जिसके कारण ये भवन खंडहर होते चले गए। परिसर में ऊंची ऊंची घास उग आई, भवनों के अंदर भी घास उगी हुई है, अंदर से भवन टूटने लगे हैं। सफाई नहीं हो पाने के कारण यहां पर घास में सांप आदि जहरीले जीव भी रहने लगे हैं।
आवासों पर हो गया अवैध कब्जा
सोनकपुर आवासीय परियोजना का कोई पुरसाहाल नहीं रहा। जिसके कारण बाहर से आए लोगों ने इन फ्लैटों को अपना आशियाना बना लिया है। इन आवासों में करीब 25 ऐसे परिवार रहने लगे हैं, जिनका कोई आशियाना नहीं था। जब इन लोगों से पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि उनके पास रहने की कोई जगह नहीं है, इसलिए वह इन खाली मकानों में आकर रहने लगे हैं। ये परिवार यहां पांच से छह सालों से रह रहे हैं।
यहां ओवरहेड टैंक तो हैं, लेकिन इन आवासों में पेयजल आपूर्ति नहीं है। इसलिए अपने पैसे से हैंडपंप लगवा लिए हैं। सीवर पाइप लाइन तो है लेकिन काफी समय से बंद पड़ी है। इन परिवारों ने स्वयं की केबल डालकर बिजली का उपभोग भी शुरू कर दिया है।
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एक गार्ड की रहती है ड्यूटी
आवास भले ही खंडहर हो चुके हैं लेकिन एमडीए की ओर से एक गार्ड की ड्यूटी यहां रहती है, शुक्रवार को मिले गार्ड ने बताया कि ये आवास तो बनने के बाद आवंटित ही नहीं हुए। लोग बताते हैं कि मामला कोर्ट में है। खाली हैं इसलिए कुछ लोग आकर रहने लगे हैं।
सोनकपुर आवास परियोजना में एक ओवरहेड टैंक भी बनाया गया था, जिससे सोनकपुर आवासीय योजना के साथ साथ अन्य आवासीय कॉलोनियों को भी पेयजलापूर्ति दी गई है। जिस पर सफाई की तिथि 06 फरवरी 2025 अंकित है। यहां मौजूद चौकीदार के परिवार की महिला ने बताया कि इसकी सफाई पिछले साल फरवरी में कराई जा चुकी है।
सोनकपुर प्रधानमंत्री आवास योजना 12 साल पहले बनी थी, इसकी आवंटन के लिए तिथि भी तय हो गई थी लेकिन कुछ किसान न्यायालय में चले गए। इसके बाद आवंटन नहीं हो सका। इन आवासों की मरम्मत कराने के बाद सहयाद्रि आवास योजना में शामिल करने की तैयारी चल रही है। सहयाद्रि योजना शीघ्र ही लॉन्च की जाएगी।
- संजय कुमार सत्संगी, जनसंपर्क अधिकारी, एमडीए