मुरादाबाद। लखनऊ अग्निकांड के बाद शहर में भवन सुरक्षा और निर्माण संबंधी नियमों को लेकर एमडीए ने अभियान फिर शुरू कर दिया है। पहले चरण में 37 भवनों को सील करने के बाद अब 100 से ज्यादा बैंक्वेट हॉल, अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। सभी को 15 दिन के भीतर स्वीकृत भवन मानचित्र, अग्निशमन सुरक्षा व्यवस्था और अन्य निर्धारित मानकों का अनुपालन साबित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण का कहना है कि पहले जारी किए गए नोटिसों के बाद कई संस्थानों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई जा चुकी है। अब दूसरी सूची में शामिल प्रतिष्ठानों को भी स्पष्ट रूप से आगाह किया गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक कमियां दूर नहीं की गईं तो उनके खिलाफ भी सीलिंग के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों में चिंता बढ़ गई है।
एमडीए की जांच टीमें लगातार शहर के अलग-अलग हिस्सों में सर्वे और निरीक्षण कर रही हैं। बिना स्वीकृत नक्शे पर बने भवनों और अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिल रहा है, वहां तत्काल नोटिस जारी किए जा रहे हैं। एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह ने कहा कि शहर में अवैध निर्माण और सुरक्षा संबंधी नियमों के उल्लंघन को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। तय समय में कमियां दूर नहीं करने वाले संस्थानों पर 37 भवनों की तरह सीलिंग सहित कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।