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सड़क के कलेजे पर खड़े चड्ढा ग्रुप के फ्लैट्स सील

Thu, 20 Oct 2016 01:30 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/मुरादाबाद
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एएमडी ने सील ‌कराए फ्लैट - फोटो : अमर उजाला
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सिविल लाइंस में कमिश्नर कोठी से चंद कदम दूर गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर सड़क के कलेजे पर बनाए गए चड्ढा ग्रुप के फ्लैट्स बुधवार को सील कर दिए गए। पुलिस के साथ पहुंची एमडीए टीम ने सड़क पर खड़ी तीन मंजिला दोनों बिल्डिंगों पर सील लगा दी।
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अफसरों का कहना है कि फ्लैट्स नगर निगम की जमीन पर बनाए गए हैं। जिसे लेकर पहले से जांच चल रही है। हालांकि ताजा कार्रवाई नक्शे के विपरीत निर्माण को लेकर की गई है। एमडीए अफसरों का कहना है कि जमीन पर चड्ढा ग्रुप का स्वामित्व खत्म होने पर स्वीकृत नक्शा स्वत: निरस्त मान लिया जाएगा।

गैलेक्सी अपार्टमेंट के गेट पर दोनों साइड सड़क  के एकदम किनारे खाली पड़ी नगर निगम की जमीन पर चड्ढा ग्रुप ने करीब डेढ़ साल पहले फ्लैट्स बनाने शुरू किए थे। तब तत्कालीन कमिश्नर ने जांच बैठा दी थी। एमडीए अफसरों को तलब करके पूछा गया था कि निगम की जमीन पर हरभजन चड्ढा के नाम नक्शा कैसे पास कर दिया गया।
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उस वक्त चड्ढा ग्रुप ने नगर निगम की ओर से एनओसी प्रस्तुुत की थी। लेकिन बाद में फाइल में लगाए गए कई दस्तावेजों के फर्जी होने के शक में भी जांच शुरू की गई। मुद्दा यह भी उठा कि नगर निगम को जब नजूल की जमीन बेचने का अधिकार ही नहीं है तो फिर निगम अफसरों ने करोड़ों रुपये की यह जमीन हरभजन सिंह चड्ढा को ‘तोहफे’ में कैसे दे दी।

यह जांच चलती रही उधर, हरभजन सिंह चड्ढा ने स्वीकृत मानचित्र से भी अधिक निर्माण करा दिया। जिसके विरुद्ध एमडीए के अपर सचिव सीपी त्रिपाठी ने 19 अगस्त 2015 और फिर दो नवंबर 2015 को हरभजन सिंह को सीलिंग के नोटिस जारी किए।

लेकिन उन्होंने इन नोटिसों के बावजूद काम नहीं रोका। इसके बाद चार अक्तूबर को अपर सचिव ने जोन प्रभारी जे राम को बिल्डिंग को सील करने का आदेश दिया। दोनों बिल्डिंगों में कुल 12 फ्लैट्स बताए जा रहे हैं। बुधवार को एमडीए की टीम ने पुलिस की मदद से दोनों बिल्डिंगों को सील कर दिया। 
  गैलेक्सी अपार्टमेंट के गेट पर दोनों साइड चड्ढा ग्रुप ने जो फ्लैट्स बनाए हैं वह स्वीकृत मानचित्र से ज्यादा जमीन पर हैं। इसमें नगर निगम की नजूल की जमीन भी है। हालांकि इससे एमडीए का कोई मतलब नहीं है और इसे लेकर नगर निगम और अन्य स्थानों पर जांच - पड़ताल व कार्यवाही चल रही है। जो फ्लैट्स बने हैं उनका नक्शा एमडीए से पास है लेकिन प्राधिकरण के नियमों के मुताबिक यदि जमीन के स्वामित्व को लेकर किसी तरह का फर्जीवाड़ा उजागर होता है तो स्वीकृत मानचित्र स्वत: खारिज माना जाएगा। हमने कई बार हरभजन चड्ढा को नोटिस भेजा लेकिन उन्होंने कहने के बाद भी निर्माण नहीं रोका। दोनों बिल्डिगों को सील कर दिया गया है।  
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-  निशांत कुमार, असिस्टेंट इंजीनियर, एमडीए।
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